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107 किसानों के नाम पर निकाले दो करोड़ रुपये

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बहराइच/रिसियामोड़। धान खरीद में बड़ा घोटाला सामने आया है। शासन के निर्देश पर डीएम द्वारा कराई जांच में 107 किसानों के नाम पर केंद्र प्रभारियों व बिचौलियों ने फर्जीवाड़ा कर लगभग दो करोड़ रुपये की रकम हजम कर ली।
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एडीएम व सीआरओ की अगुवाई में गठित चार सदस्यीय टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम के आदेश पर नवाबगंज और रिसिया थाने में पांच केंद्र प्रभारियों व चार बिचौलियों पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

भाजपा की प्रदेश में सरकार बनने के बाद धान खरीद शुरू की गई थी। इसमें कुछ किसानों के नाम पर जमीन न होने के बाद भी फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन निकालने की शिकायत मिली थी।
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जिसके बाद शासन ने जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव को जांच के निर्देश दिए थे। डीएम ने एडीएम रामसुरेश वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी राजेश कुमार, एसडीएम सदर जुबेर बेग और एसडीएम नानपारा सिद्धार्थ यादव की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराई। जांच में किसानों के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।

टीम ने रिपोर्ट सार्वजनिक की तो पता चला कि 107 किसानों के फर्जी नाम अभिलेखों में दर्ज किए गए। इसके बाद उनके नाम पर धनराशि न लेकर केंद्र प्रभारियों व कुछ बिचौलियों के नाम पर पैसा निकाल लिया गया।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता नवीन चंद्र शुक्ल व अपर जिला सहकारी अधिकारी नानपारा मनोज सिंह ने रिसिया व नवाबगंज थाने में तहरीर दी। लगभग दो करोड़ रुपये निकालकर हड़पे गए हैं।

इन पर दर्ज हुआ केस
पुलिस ने धान क्रय केंद्र प्रभारी संघ रिसिया रामकुमार, सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड के प्रभारी अजीत प्रताप सिंह व आदर्श महिला समिति लिमिटेड बंगलाचक के प्रभारी लल्लन सिंह, बिचौलिया रिसिया निवासी सूबेदार सिंह, जिलेदार सिंह, सरोज सिंह, संजीव सिंह राठौर के खिलाफ रिसिया थाने में केस दर्ज किया गया है।

नवाबगंज थानाध्यक्ष केके यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर धान क्रय केंद्र प्रभारी सहकारी समिति लिमिटेड नवागंज दुखहरन नाथ, आदर्श महिला उपभोक्ता सहकारी समिति लिमिटेड रामनगर सेमरा के प्रभारी भूपेंद्र कुमार वर्मा और बिचौलिया रिसिया निवासी सूबेदार सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

किसानों का करा दिया फर्जी पंजीकरण
जांच टीम ने रिपोर्ट में बताया कि पांच केंद्र प्रभारियों द्वारा वर्ष 2017-18 में धान खरीद के दौरान आठ किसानों के नाम पर फर्जी पंजीकरण कराया। इसके बाद 107 फर्जी लोगों का नाम अभिलेख में दर्ज किए गए।

इन आठ में से एक किसान सही पाया गया। सात अन्य के नाम पर आरटीजीएस की पंजिका तैयार की गई। मगर इनके खाते में कोई धनराशि नहीं भेजी गई।

बल्कि केंद्र प्रभारियों ने आरटीजीएस, कैश और चेक के माध्यम से सूबेदार सिंह, अजीत सिंह, जिलेदार सिंह, सरोज सिंह व संजीव सिंह राठौर के खाते में धनराशि भेज दी। लगभग दो करोड़ रुपये की बंदरबांट की गई है।

डिप्टी आरएमओ पर भी गिर चुकी गाज
बहराइच के धान खरीद के अपर नोडल अधिकारी राम कैलाश सोनकर का नाम भी धान खरीद में हुए घोटाले में सामने आ चुका है। मगर इनके खिलाफ पहले से ही गोंडा में जांच चल रही थी।

अवैध वसूली की भी शिकायत थी। इसके कारण यह लगभग दो माह पहले ही हटाए जा चुके हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई की चर्चा चल रही है। इनकी जगह विपिन कुमार की तैनाती की गई थी।
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