हरदी/राजीचौराहा। कपूरपुर गांव के पास एक युवक को घात लगाए बैठे कुछ लोगोें ने गोली मार दी। सूचना पर तत्काल डायल 100 की टीम पहुंच गई। युवक सड़क पर तड़प रहा था। पर टीम उसे अस्पताल ले जाने को तैयार नहीं थी। जब परिवारीजन युवक को अस्पताल ले जाने लगे तो डायल 100 की टीम ने उन्हें भी रोक दिया।
कहा, थाने से पुलिस आने के बाद ही युवक को भर्ती कराया जाएगा। करीब डेढ़ घंटे बाद थाने से पुलिस आई। इसी बीच युवक ने दम तोड़ दिया। इससे भीड़ भड़क गई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस पर गुस्साई भीड़ ने भी पथराव किया। बुधवार देर रात लगभग दो घंटे तक पुलिस व ग्रामीणों में संघर्ष चला।
पथराव में दो एसओ व आठ पुलिसकर्मियों समेत दोनों पक्ष के 18 लोग घायल हुए। एसपी समेत छह थानों की फोर्स ने पहुंचकर हालात को काबू किया। मौके पर फोर्स तैनात है। मृतक के चचेरे बहनोई समेत तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है।
हरदी थाना अंतर्गत मुरलीपुरवा करेहना गांव निवासी तेजराम यादव उर्फ तेजे (35) की ससुराल इसी थाना क्षेत्र के देवरायपुर गांव में है। तेजराम का साला मनोज एक हादसे में घायल हो गया था। बुधवार रात आठ बजे के आसपास तेजराम मनोज का हालचाल पूछने ससुराल के लिए निकला।
जब वह कपूरपुर गांव के निकट पहुंचा, तभी घात लगाए बैठे लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसके बाद हमलावर भाग निकले। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। 100 नंबर डायल कर सूचना दी गई। तब तक तेजराम के ससुरालीजन और परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों का कहना है कि डायल 100 पुलिस टीम 20 मिनट बाद मौके पर पहुंच गई। लेकिन वह तड़प रहे तेजराम को अस्पताल नहीं ले गई और न ही परिवारीजनों को ले जाने दिया। थाने से पुलिस आने की बात कही। घटना के डेढ़ घंटे बाद जब हरदी थानाध्यक्ष दिनेश सिंह विष्ट मौके पर पहुंचे, उसी समय तेजराम ने दम तोड़ दिया। इस पर ग्रामीण भड़क गए।
हरदी एसओ की सूचना पर रामगांव थानाध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह, खैरीघाट के विनोद कुमार, बौंडी के आरपी सोनकर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कहासुनी के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जवाब में ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव रह-रह कर दो घंटे तक चला।
रात में कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, दरगाह और रिसिया की पुलिस बुलाई गई। पुलिस अधीक्षक सभाराज, एएसपी ग्रामीण रवींद्र कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। किसी तरह हालात को काबू में किया गया। पथराव में रामगांव थानाध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह, हरदी के दिनेश सिंह विष्ट व आठ सिपाही चोटिल हुए। लाठीचार्ज में 10 ग्रामीणों को चोटे आई हैं।
पुलिस अधीक्षक सभाराज किसी के भी घायल होने की बात से इन्कार कर रहे हैं। एएसपी ग्रामीण रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के परिवारीजनों की तहरीर पर मृतक के चचेरे बहनोई विनोद यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
अवैध संबंधों के कारण हुई हत्या
हरदी थानाध्यक्ष दिनेश सिंह विष्ट ने बताया कि रात में विवाद थमने के बाद जब मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि रिश्तेदारी की एक महिला से अवैध संबंधों को लेकर बीते सप्ताह तेजराम और विनोद में विवाद हुआ था। उस दौरान विनोद ने तेजराम के हत्या की धमकी दी थी।
पुलिस की मनमानी से बिगड़ा मामला
डायल 100 पुलिस टीम घटना के कुछ देर बाद ही मौके पर पहुंची। लेकिन टीम के दरोगा और सिपाहियों की मनमानी के कारण मामला बिगड़ा। तेजराम ने तड़पकर दम तोड़ दिया। अगर पुलिस उसे तत्काल अस्पताल पहुंचा देती तो उसकी जान बच सकती थी।
तीन जीपें व बाइकें क्षतिग्रस्त
पथराव और लाठीचार्ज के दौरान पुलिस वाहनों को भी नुकसान हुआ। पुलिस टीम के तीन जीपों के शीशे टूट गए। उपनिरीक्षकों की बाइकें भी क्षतिग्रस्त हुईं।
एसओ बोले-200 लोग चिह्नित, दर्ज होगा केस
पथराव मामले में पुलिस ग्रामीणों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। थानाध्यक्ष दिनेश सिंह विष्ट ने बताया कि अब तक लगभग 200 लोगों को चिन्हित किया गया है। सभी के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला कर वाहन क्षतिग्रस्त करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया जाएगा।