बहराइच। जिले में बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। शहर, गांव और कस्बे में लगभग एक जैसी स्थिति है। शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर जारी होने के बावजूद 10 से 12 घंटे कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल चार से छह घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। इस कारण उद्योग धंधे प्रभावित हैं।
बिजली न आने से पेयजल के लिए भी भटकना पड़ता है। सोमवार को सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक गुल रही। इससे लोग पसीना-पसीना दिखे। गर्मी में बिजली कटौती मुसीबत का सबब बन गई है। जिले की 36 लाख आबादी में एक लाख 70 हजार बिजली उपभोक्ता हैं।
14 विकासखंडों के इन सभी उपभोक्ताओं को 33 विद्युत उपकेंद्रों से बिजली मुहैया करायी जाती है। जिले की 36 लाख की आबादी के लिए लगभग 200 मेगावाट बिजली की जरूरत है। लेकिन जिले को आपूर्ति महज 180 मेगावाट हो रही है।
इसके अलावा जगह-जगह कटिया कनेक्शन और बिजली चोरी से पावर कॉर्पोरेशन महकमा लाइन लास की समस्या से भी जूझ रहा है। हालात ये हैं कि आपूर्ति की चौथाई बिजली लाइन लास की भेंट चढ़ रही है। ऐसे में जितनी बिजली बचती है, उस पर रोस्टर के मुताबिक विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही है। भीषण कटौती का सामना उपभोक्ता कर रहे हैं।
ये है रोस्टर
शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। तहसील क्षेत्र में 20 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। पर लोकल फॉल्ट व अन्य कारण बताकर अघोषित कटौती की जा रही है।
सिर्फ बिल भेजना जानता है पावर कॉर्पोरेशन
बिजली कटौती से जिले के उपभोक्ता परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि साल भर में बिजली की दुर्दशा बढ़ी है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की घोषणा के बावजूद ठीक से बिजली नहीं मिल रही है। हर महीने पावर कॉर्पोरेशन बिल तो भेज देता है लेकिन बिजली देने की बात आती है तो बहाने बनाने की शुरुआत होती है।
मिहींपुरवा विकासखंड के उर्रा गांव निवासी रवि अग्रवाल और संदीप मौर्या ने कहा कि तार टूटने या ट्रांसफार्मर जलने पर बिना शुल्क लिए बिजली कर्मी आते नहीं। उद्योग धंधे भी चौपट है। बहराइच शहर निवासी मोनू साहू और मनीष श्रीवास्तव का कहना है कि सोमवार को पूरे दिन बिजली गुल रही।
उपकेंद्र पर फोन तक रिसीव नहीं हुआ। अतहर अनीस, शरद श्रीवास्तव, प्रखर सिन्हा और आकाश साहू का कहना है कि फाल्ट के नाम पर बिजली कटौती की जा रही है। इस समय रमजान का महीना चल रहा है। मलमास होने के कारण मंदिरों में पूजा-अर्चना हो रही है। फिर भी कोई न कोई बहाना कटौती हो रही है।
गोंडा के पास फाल्ट से दिक्कत
गोंडा के निकट एचटी विद्युत लाइन में फाल्ट के कारण बाहर से कटौती हो रही है। इसमें बहराइच का दोष नहीं है। अभी तीन से चार दिन फाल्ट दुरुस्त होने में लगेंगे। इसके बाद विद्युत आपूर्ति ढर्रे पर आ सकेगी, जहां भी फाल्ट की शिकायत होती है, वहां कोशिश होती है अति शीघ्र विद्युत व्यवस्था दुरुस्त हो।
-मुकेश बाबू, अधिशासी अभियंता, विद्युत
13 ट्रांसफार्मर खराब, टूट तार नहीं हो सके दुरुस्त
बीते सप्ताह आंधी-पानी से नानपारा और मिहींपुरवा क्षेत्र में चार स्थानों पर विद्युत लाइनों के खंभे टूटे थे, जो अब तक दुरुस्त नहीं हुए हैं। मिहींपुरवा, शिवपुर, महसी, कैसरगंज, फखरपुर, रुपईडीहा और रिसिया क्षेत्र में 13 ट्रांसफार्मर खराब हैं। ग्रामीणों की सूचना के बावजूद ट्रांसफार्मर बदले नहीं जा रहे हैं।