पिता-पुत्र को दरवाजे पर धारदार हथियार से काट डाला
अमेठी। पीपरपुर क्षेत्र के पूरे तेजई पांडेय गांव में बृहस्पतिवार शाम घर से एक युवक की गांव के ही सगे तीन भाइयों ने धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। इकलौते बेटे को बचाने दौड़े पिता को भी हमलावरों ने बल्लम व फरसे से काट डाला। परिवार के अन्य चार सदस्यों को हमलावरों ने उन्हें मरणासन्न कर दिया। घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
हमले के शिकार हुए पिता पर आरोपियों ने एक दिन पहले भी हमला किया था, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। थानाध्यक्ष की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने सीएचसी पर जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने पर एएसपी ने खुद मोर्चा संभाला और एसओ के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पूरे तेजई पांडेय मजरे रतापुर निवासी ज्ञान प्रकाश पांडेय (50) के पड़ोसी बालमुकुंद पांडेय ने अपने बेटे रवि को गत दिनों एक बाइक दिलाई थी। रवि बाइक के साइलेंसर में तेज आवाज वाला सिस्टम लगाकर चला रहा था। आरोप है कि रवि जब ज्ञानप्रकाश के घर के सामने से निकलता तो बाइक की आवाज तेज कर देता जिससे लोगों को परेशानी होती। ज्ञान ने बुधवार को विरोध किया तो रवि और राहुल (सगे भाई) ने उनकी पिटाई कर दी थी। इस ज्ञान पीपरपुर थाने पहुंच एसओ को तहरीर दी। एसओ ने कार्रवाई नहीं की।
इसकी जानकारी रवि को हुई तो वह नाराज हो गया। परिजनों के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम रवि, राहुल और बच्चा (सगे भाई) पुत्रगण बालमुकुंद फरसा, बल्लम और असलहा लेकर ज्ञानप्रकाश के घर धावो बोल दिया। ज्ञानप्रकाश का इकलौता बेटा रोहित पांडेय (25) बाहर निकला तो उसे से फरसे से काट डाला। बेटे की चीख सुनकर घर से ज्ञानप्रकाश बाहर निकले तो हमलावरों ने उन्हें भी बल्लम से गोद डाला। ज्ञान को बचाने के लिए उनके बड़े भाई श्याम प्रकाश (60) और भतीजा मोहित (20), गायत्री पांडेय (10) व सूरज (17) पहुंचे तो आरोपियों ने उनपर भी हमला करके मरणासन्न कर दिया। सरेशाम हुई इस वारदात से गांव में चीख पुकार मच गई।
ग्रामीणों आते देखकर आरोपी फरसा, बल्लम और असलहा लहराते हुए फरार हो गए। ग्रामीणों ने घायलों को सीएचसी भादर पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने ज्ञान और रोहित (पिता-पुत्र) को मृत घोषित कर दिया। हमले में घायल चार अन्य को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना के एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सीएचसी भादर पर ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष डीके सिंह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। तनाव को देखते हुए एएसपी बलरामाचारी दूबे पहुंचे और स्थिति को संभाला। एएसपी ने थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग शांत हुए। तनाव को देखते हुए एसपी कुंतल किशोर गांव पहुंचे और कई थानों की पुलिस बुलाई।