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पूर्व राज्यमंत्री वंशीधर बौद्ध का एक लाख कर्ज माफ

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बहराइच/बिछिया। जलालुद्दीन के एक लाख 45 हजार के कर्ज में महज 194 रुपये माफ हुआ वहीं केशवराम के 50 हजार में 504 व राजकुमार का एक लाख में सिर्फ 20 रुपये ऋण माफ हुआ है। मगर पूर्व मंत्री और पांच एकड़ जमीन के मालिक वंशीधर बौद्ध का एक लाख का कर्ज माफ कर दिया गया है। यह है कर्जमाफी योजना की असलियत। पूर्व मंत्री बौद्ध ने गुरुवार को खुद अपनी कर्जमाफी का खुलासा किया। बौद्ध की कर्जमाफी ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की पोल खोलकर रख दी है।
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कर्जमाफी की घोषणा के बाद जिले के 1.19 लाख किसान ऐसे चिन्हित हुए जो अरसे से बैंक का कर्ज नहीं अदा कर पा रहे थे। इन सभी को कर्ज माफी का प्रमाण पत्र देने के लिए शिविरों का आयोजन हुआ। लेकिन इनमें लगभग एक चौथाई किसान ऐसे हैं। जो डेढ़ से दो लाख रुपये के कर्जदार हैं। लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र दिया गया है, उनमें 20, 50 और 500 रुपये की कर्जामाफी की राशि अंकित है। वहीं सपा सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री रहे वंशीधर बौद्ध मिहींपुरवा विकास खंड के नईबस्ती टेड़िया के निवासी हैं। वर्ष 2004 के आसपास उन्होंने सुजौली स्थित इलाहाबाद बैंक से चार लाख से अधिक का फसली ऋण लिया था, लेकिन अदा नहीं कर पाए थे। कर्ज माफी से पूर्व मंत्री वंशीधर के दिन भी बहुर गए। उन्हें एक लाख कर्ज माफी का तोहफा मिला। प्रमाण पत्र भी शिविर में देने की जगह शाखा प्रबंधक ने उनके घर पहुंचाया। पूर्व राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध से जब प्रमाण पत्र मांगा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि एक लाख कर्ज माफ हुआ है। बोले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से पूछ लें, तब बताएंगे। पुन: पूर्व राज्यमंत्री से प्रमाण पत्र मांगा गया तो बोले कि पार्टी के पदाधिकारियों ने कहा है प्रमाण पत्र न दिखाएं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके नाम पंाच एकड़ जमीन है। 29 हजार रुपये इस समय प्रति माह पेंशन मिल रही है।
‘सुरक्षा के चलते नहीं दिखा सकता प्रमाण पत्र’
इलाहाबाद बैंक सुजौली के शाखा प्रबंधक आदित्य प्रकाश से जब पूर्व राज्यमंत्री वंशीधर बौद्ध पुत्र सुखलाल के नाम जारी कर्ज माफी का प्रमाण पत्र दिखाने को कहा गया तो बोले यह खाताधारक के खाते की सुरक्षा का सवाल है। प्रमाण पत्र नहीं दिखा सकते। चार लाख से अधिक का कर्जा था। उसमें से एक लाख का कर्ज माफ जरूर हुआ है।
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प्रमाण पत्र लेकर भटक रहे ये किसान
फखरपुर के भदवानी गांव निवासी केशवराम 50 हजार के कर्जदार हैं। लेकिन उनके सिर्फ 504 रुपये माफ हुए हैं। वहीं कैसरगंज तहसील क्षेत्र के निवासी जलालुद्दीन एक लाख 45 हजार के कर्जदार हैं। लेकिन उन्हें 194 रुपये की कर्ज माफी का प्रमाण पत्र मिला। गजाधरपुर निवासी राजकुमार का सिर्फ 20 रुपये कर्जा माफ हुआ है। इन किसानों का कहना है कि बैंक में गए तो वहां बताया गया कि शासन के आदेश के तहत कर्जा माफ किया गया है। जितना माफ हुआ है, राशि खाते में भेज दी गई है।
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