रायबरेली। शिवगढ़ कस्बा के रहने वाले शातिर अपराधी एवं स्कूल संचालक की रविवार को छह करोड़ 15 लाख 27 हजार रुपये कीमत की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर ली गई। गैंगस्टर अधिनियम के तहत गाजे-बाजे के साथ पुलिस ने कुर्की की प्रक्रिया की। जिस स्कूल संचालक की संपत्ति कुर्क की गई, वह वर्ष 2019 में हुए जिले के चर्चित आदित्य हत्याकांड के गवाह को धमकाने में शामिल था। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी। हत्या के एक मामले में उसे सजा हो चुकी है।
एसडीएम महराजगंज राजेंद्र कुमार शुक्ला, सीओ सदर वंदना सिंह, सीओ महराजगंज अरुण नौहवार, सदर कोतवाल संजय त्यागी और भदोखर थानेदार-विवेचक राजेश कुमार सिंह, शिवगढ़ थानेदार अरुणेश कुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ शिवगढ़ पहुंचे। सबसे पहले पुलिस ने शिवगढ़ निवासी सुरेंद्र सिंह का माधोखेड़ा गांव स्थित मकान, फिर कुम्हरावां स्थित स्कूल और सरायं क्षत्रधारी गांव स्थित राइस मिल मेंं नोटिस चस्पा करते हुए कुर्क कर लिया। मकान की कीमत एक करोड़ 59 लाख 38 हजार, स्कूल की कीमत तीन करोड़ 67 लाख 74 हजार, राइस मिल की कीमत 88 लाख 15 हजार रुपये है। कुल मिलाकर अपराधी की छह करोड़ 15 लाख 27 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की गई। क्रासर एनएसए की हो चुकी कार्रवाई, दर्ज हैं 13 आपराधिक मामले
चर्चित आदित्य हत्याकांड में गवाह को धमकाने के मामले में स्कूल संचालक पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। गैंगेस्टर अधिनियम की विवेचना भदोखर थानेदार राजेश कुमार सिंह को सौंपी गई थी। जांच के बाद कुर्की की कार्रवाई की गई। स्कूल संचालक सुरेंद्र सिंह के खिलाफ सदर कोतवाली, शिवगढ़ थाने में जानलेवा हमला, हत्या, बलवा, गुंडा अधिनियम समेत 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अपराधी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई पहले ही हो चुकी है। विवेचक ने बताया कि स्कूल संचालक जिला कारागार में बंद है। रविवार की सुबह जिला कारागार जाकर स्कूल संचालक से कुुर्की की नोटिस तामील कराई गई।
विवेचक के मुताबिक स्कूल संचालक का अपराध से गहरा नाता रहा है। कभी उसका नाम हत्या में आया तो कभी वह बलवा मेंं शामिल रहा। सबसे ज्यादा तब वह चर्चा में आया, जब वह जिले के चर्चित डीफार्मा छात्र आदित्य प्रताप सिंह की हत्या में गवाहों को धमकाना शुरू कर दिया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी।