अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा को लेकर जिले में छात्र-छात्राओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र के बाहर जमा हो गए। कोई अपने पिता के साथ आया तो भाई और अन्य रिश्तेदारों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचा। परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावकों के भी चेहरे खिले नजर आए।
रविवार को शहर के न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल त्रिपुला में परीक्षा नियत समय पर शुरू हुई। सुबह 10 बजे से परीक्षा केंद्र के गेट पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भीड़ उमड़ी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के दौरान बच्चों के उत्साह से लबरेज दिखे। गेट पर ही चेकिंग के साथ उनके प्रवेश पत्र देखे गए। परीक्षा में कक्षा नौ में पंजीकृत 241 के सापेक्ष 127, कक्षा दस में पंजीकृत 254 के सापेक्ष 137, कक्षा 11 में 403 के सापेक्ष 198, कक्षा 12 में 260 के सापेक्ष 141 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा में कुल 603 परीक्षार्थी शामिल हुए।
इन शिक्षकों का रहा सहयोग
रविवार को शहर के त्रिपुला चौराहा स्थित एनएसपीएस विद्यालय में सम्पन्न हुई अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति की परीक्षा को सफल बनाने में एमएसपीएस त्रिपुला के प्रधानाचार्य शिव लखन प्रजापति, शिक्षक शिवशरण सिंह, प्रवेश यादव, गिरीश श्रीवास्तव, बृजेंद्र कुमार, अंजनी मौर्य, श्रीकांत दिवाकर, कृष्णाशंकर यादव, चंद्रकांत त्रिपाठी, रामभरत राजभर, केके यादव, मयंक वर्मा, शैलेष श्रीवास्तव, गनेश वर्मा, सुनील यादव, रोहित चौधरी, विनोद यादव, जीतेंद्र कुमार, सुनील कुमार, संदीप सोनकर, हरिप्रसाद, अमरेश यादव, अशोक यादव, अतुल कुमार, सुयश सैनी का अहम योगदान रहा। परीक्षा को सफल बनाने में अन्य सहयोगी में संजय, अनिकेत, नीरज बाजपेई, आशीष त्रिपाठी, अचिन अवस्थी आदि रहे। वहीं एनएसपीएस के प्रबंध निदेशक शशिकांत शर्मा ने कहा कि यह परीक्षा बच्चों को बेहतर भविष्य देने में सहायक होगी।
परीक्षार्थी बोले, भविष्य के लिए अच्छी है परीक्षा
परीक्षा देने आई छात्रा छात्रा अंशू तिवारी ने बताया कि वह ऊंचाहार से परीक्षा देनी आई हैं। यह परीक्षा छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए अच्छी है। छात्रा आराधना शुक्ला अमेठी से परीक्षा देने आई। बोली कि परीक्षा से आगे पढ़ने के लिए स्कालरशिप मिलेगी। अमेठी से आए छात्र फैजान से कहा कि इस परीक्षा से बच्चों का उत्साह बढे़गा। छात्र मुकेश कुमार ने बताया कि इस तरह की परीक्षा बार-बार होनी चाहिए। इससे पता लगता है कि प्रतियोगी परीक्षा कैसे होती हैं।