लखनऊ। केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. शीतल वर्मा के मुताबिक देश में 60 प्रतिशत एंटीबायोटिक बिना डॉक्टर के पर्चे के बिक रही है। इन दवाओं के बेतहाशा सेवन से मरीजों में एंटीबायोटिक से प्रतिरोध क्षमता विकसित हो रही है। वे एंटीबायोटिक प्रतिरोध विषय पर आयोजित वॉकथॉन के शुभारंभ पर बोल रहीं थीं।
कार्यक्रम की आयोजन अध्यक्ष प्रो. विमला वेंकटेश ने कहा, एंटीबायोटिक्स का दुरुपयोग दुनिया भर में प्रतिरोध को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को इनका सही इस्तेमाल सीखना होगा। प्रशासनिक भवन से शुरू हुआ वॉकथॉन परिसर के प्रमुख क्षेत्रों से गुजरा। इस मौके पर प्रो. आरके दीक्षित, प्रो. आरके गर्ग, प्रो. हैदर अब्बास, प्रो. आरके कल्याण, प्रो. प्रशांत गुप्ता, प्रो. संदीप भट्टाचार्य, प्रो. अंजू अग्रवाल, प्रो. अमिता पांडेय, डॉ. दर्शन बजाज, डॉ. मोना, डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. सुरुचि, डॉ. श्रुति मौजूद रहे।