लखनऊ। जिले में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाओं में से 56 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा। शासन से मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इस संबंध में लगभग सभी विभागों के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं से उन्हें जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में 10374 स्वयं सहायता समूह से एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। जिन्हें प्रेरणा कैंटीन, कुटीर उद्योग, खेती-किसानी, मधुमक्खी पालन, अचार बनाने, नर्सरी, पशुपालन, केला उत्पादन, मुर्गी पालन बागवानी, ड्रोन दीदी आदि से जोड़कर अभी तक रोजगार दिया जा रहा है। इसके बाद भी समूह से जुड़ी 50 फीसदी से अधिक महिलाएं ऐसी हैं जिनकी वार्षिक आमदनी एक लाख से कम है। इनमें से 56 हजार महिलाओं को लखपति बनाने के लिए चिह्नित किया जाएगा। शासन ने अगले तीन साल के भीतर इन सभी महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है।
इस संबंध में सीडीओ अजय जैन ने जिला स्तरीय समन्वय समिति की बृहस्पतिवार को बैठक ली। इसमें 37 विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में समूह से जुड़ी इन महिलाओं को सभी विभागों की योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ते हुए रोजगार के साधन मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में पीडी विकास, एलडीएम मनीष पाठक, सीवीओ डॉ. सुरेश कुमार, एआर कोऑपरेटिव वैशाली सिंह, जिला मिशन प्रबंधक तौसीफ अहमद समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।