फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: 27 राष्ट्रीय कार्यक्रमों के 56 करोड़ खर्च करना बाकी, आज आखिरी दिन

Fri, 31 Mar 2023 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए जिले में संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रमों का पूरा बजट खर्च करने में विभाग को पसीना आ रहा है। 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाएगा, लेकिन 27 राष्ट्रीय कार्यक्रमों के करीब 56 करोड़ रुपये खर्च होने बाकी हैं। विभाग को सालभर में 1.51 अरब रुपये मिले, लेकिन अब तक 95 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं। आखिरी दिन अधिक से अधिक बजट खर्च करने के लिए बृहस्पतिवार को गुणाभाग किया गया।
विज्ञापन


शासन से स्वास्थ्य विभाग को हर साल राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए बजट मिलता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1.51 अरब रुपये अंधता निवारण, कुष्ठ रोग, क्षयरोग नियंत्रण, मानसिक रोग नियंत्रण, तंबाकू निषेध सहित 27 राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए विभाग को बजट मिला, लेकिन समय से विभाग को बजट नहीं खर्च कर पा रहा है।
बुधवार की देरशाम जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम माला श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों में बजट खर्च किए जाने की प्रगति की समीक्षा की तो करीब 95 करोड़ रुपये ही खर्च हुए मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। आखिरी दिन अधिक से अधिक बजट खर्च करने के लिए विभागीय अधिकारी और कर्मचारी बृहस्पतिवार को माथापच्ची करने में जुटे रहे हैं।
विज्ञापन


कुछ राष्ट्रीय कार्यक्रम में खर्च की प्रगति
राष्ट्रीय कार्यक्रम मिला बजट (लाखों में) खर्च बजट (लाखों में)
वेक्टरजनति रोग नियंत्रण 560.57 136.99
नियमित टीकाकरण 456.74 158.87
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन 288.71 129.22
इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज 508.00 10.00
क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम 646.44 372.91
अंधता निवारण कार्यक्रम 98.77 28.15
तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम 63.74 29.64
15वां वित्त आयोग 682.52 405.00
कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम 82.28 58.84
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम 63.66 25.84
नेशनल आयोडीन कंट्रोल 9.04 00.65
नेश्शनल ओवरल हेल्थ मिशन 14.18 00
रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम 7.37 1.19
नेशनल प्रोग्राम फॉर पलेटिव केयर 14.80 2.17

राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए मिले बजट को खर्च कराया जा रहा है। 31 मार्च तक अधिक से अधिक बजट को खर्च कर लिया जाएगा। कुछ कार्यक्रमों का बजट वेतन आदि का होने के कारण खर्च नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन

डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें