अयोध्या घाट को दीपोत्सव के लिए किया गया तैयार
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तीसरे दिव्य दीपोत्सव में सरयू तट पर राम की पैड़ी के 12 घाटों पर 4 लाख 55 हजार दीप जलेंगे। इसका ले आउट डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि प्रशासन की ओर से तैयार कर लिया गया है। सभी घाटों का डाईग्राम तैयार हो गया है। घाट नंबर 10 कौशल्या घाट पर सर्वाधिक 60 हजार दीप व 688 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी दी गई है। पूरी राम की पैड़ी पर दीपों को जलाने में 5 हजार 500 स्वयंसेवकों की टीम लगेगी।
अयोध्या का तृतीय दीपोत्सव 25 से 26 अक्तूबर तक मनाया जाना है। विवि प्रशासन ने घाटों पर दीप जलाने के लिए ले आउट तैयार कर लिया है। लक्ष्मण घाट से लेकर उर्मिला घाट तक के 12 घाटों पर 4 लाख 55 हजार दीप जलाए जाएंगे।
सर्वाधिक 60 हजार दीप कौशल्या घाट पर, लक्ष्मण घाट पर 50 हजार, मांडवी घाट पर 50 हजार, दशरथ घाट पर 50 हजार सहित 4 लाख 55 हजार दीप जलाए जाएंगे। दीपों को जलाने के लिए घाटों पर 4 हजार 305 स्वयं सेवकों की टीम लगाई जाएगी। इसके अलावा सामान पहुंचाने व अन्य कार्यों के लिए एक हजार से अधिक स्वयं सेवक सक्रिय रहेंगे। इस बार 4 लाख 55 हजार दीपों को जला विवि प्रशासन की टीम गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराएगी।
घाटों के अनुसार विवरण
घाट संख्या दीपों की संख्या स्वयं सेवकों की संख्या
1 55000 501
2 30000 222
3 40000 186
4 50000 309
5 25000 312
6 25000 188
7 50000 417
8 40000 347
9 25000 374
10 60000 688
11 25000 233
12 30000 516
7 महाविद्यालय समेत 19 स्वयं सेवी संगठन बनेंगे दीपोत्सव का हिस्सा
विवि प्रशासन की ओर से तैयार की गई स्वयं सेवकों की लिस्ट मेें अवध विवि से संबद्ध 7 महाविद्यालय व 19 सामाजिक संगठनों के स्वयं सेवक भी दीपोत्सव का हिस्सा बनेंगे। इनकी संख्या एक हजार से अधिक है। इसके अलावा लगभग साढ़े चार हजार स्वयं सेवक विवि के विभिन्न विभागों व एनसीसी कैडेट के होंगे।
विवि प्रशासन की ओर से घाटों पर जलाने वाले दीयों समेत व स्वयं सेवकों के स्थान का निर्धारण कर लिया गया है। इसका रूट चार्ट भी तैयार है। अब मुख्य उत्सव के दिन दीप जलाकर एक बार फिर से गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराना है।
- प्रो. एसएन शुक्ला, प्रति कुलपति, अवध विवि