फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow: 530 अनफिट, 168 बगैर परमिट वाहन स्कूली बच्चों को ढो रहे, हादसे की आशंका

Sun, 05 Apr 2026 09:24 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में 4,759 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 1,797 स्कूली व 2,962 अनुबंधित वाहन हैं। इन वाहनों में ओमनी वैन, मोटर कैब, मैक्सी कैब आदि शामिल हैं। खास बात यह है कि अभी भी 530 स्कूली वाहनों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं हैं।
विज्ञापन
school bus (demo pic) - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

530 अनफिट स्कूली वाहन धड़ल्ले से राजधानी में दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, 168 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जो बगैर परमिट सड़कों पर रफ्तार भर रहे हैं। कुल 698 वाहन ऐसे हैं, जिनसे हादसे की आशंका बनी हुई है।

विज्ञापन


स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू हो गई है। राजधानी में चार हजार से अधिक स्कूलों में दो लाख बच्चे स्कूली वाहनों, वैन, प्राइवेट साधन, ऑटो, ई रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं। स्कूली वाहनों, खासताैर पर वैन से होने वाले हादसों की भरमार है। गत वर्ष सिटी मांटेसरी स्कूल के बच्चों को ले जा रही एक वैन शहीद पथ पर हादसे की शिकार हो गई थी। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी, मंडलायुक्त की ओर से बैठकें की गईं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हाल ही में हुई। इसके बावजूद स्कूली वाहनों की दुर्दशा की कहानी बहुत बदलती नजर नहीं आ रही है।

परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में 4,759 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 1,797 स्कूली व 2,962 अनुबंधित वाहन हैं। इन वाहनों में ओमनी वैन, मोटर कैब, मैक्सी कैब आदि शामिल हैं। खास बात यह है कि अभी भी 530 स्कूली वाहनों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं हैं। इसमें 126 स्कूली वाहन व 404 अनुबंधित वाहन शामिल हैं, जबकि 168 वाहन बगैर परमिट स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं, जिसमें 49 स्कूली व 119 अनुबंधित वाहन सम्मिलित हैं।
विज्ञापन


3800 घोस्ट वाहन भी ढो रहे बच्चे, खतरा
राजधानी में 3800 ऐसे स्कूली वाहन भी हैं, जिनका कोई अस्तित्व नहीं हैं। इसमें अधिकतर वैन ही हैं। इन वाहनों को घोस्ट वाहन कहा जाता है। इनका पंजीकरण समाप्त हो गया है। फिटनेस नहीं है। न ही कहीं किसी प्रकार का डाटा परिवहन विभाग के पास है। इसमें अधिकतर वाहन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों को ढो रहे हैं।

538 स्कूली वाहनों के हुए चालान
परिवहन विभाग ने गत वर्ष पहली जुलाई से स्कूली वाहनों को लेकर अभियान चलाया गया था। इससे पूर्व भी कई अभियान चलाकर फिटनेस, सेफ्टी, परमिट आदि जांची गई। ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले एक साल में लखनऊ में सिर्फ 538 स्कूली वाहनों के ही चालान हुए हैं। प्रतिदिन दो चालान भी नहीं किए गए।

ई-रिक्शे, ऑटो पर भी लगे लगाम
स्कूली वाहनों में बस, वैन, मैक्सी कैब पंजीकरण करवाने के बाद बच्चों को ढो रही हैं, लेकिन स्कूलों के बाहर बड़ी संख्या में ई रिक्शे व ऑटो भी इस धंधे में लगे हुए हैं। यह सुरक्षा से खुलेआम खिलवाड़ है।

विज्ञापन

इतने हैं वाहन

  स्कूली वाहन (पीएसवी) अनुबंधित वाहन
बस 786  452
एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बस 116 -- 
मैक्सी कैब 584     1386
मोटर कैब 84    1089
ओमनी वैन     227    35
कुल   1797  2962


यह है हकीकत
वाहन फिटनेस खत्म परमिट नहीं कुल
स्कूली वाहन 126   49 1797
अनुबंधित 404 119 2962
कुल  503 168  4759



आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय का कहना है कि अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जाते हैं। इनकी संख्या में कमी आ रही है। साथ ही अब स्कूली वाहनों का विवरण पोर्टल पर अपडेट करवाया जा रहा है। यह काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें