लखनऊ। 530 अनफिट स्कूली वाहन धड़ल्ले से राजधानी में दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, 168 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जो बगैर परमिट सड़कों पर रफ्तार भर रहे हैं। कुल 698 वाहन ऐसे हैं, जिनसे हादसे की आशंका बनी हुई है।
स्कूलों में नए सत्र की पढ़ाई शुरू हो गई है। राजधानी में चार हजार से अधिक स्कूलों में दो लाख बच्चे स्कूली वाहनों, वैन, प्राइवेट साधन, ऑटो, ई रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं। स्कूली वाहनों, खासताैर पर वैन से होने वाले हादसों की भरमार है। गत वर्ष सिटी मांटेसरी स्कूल के बच्चों को ले जा रही एक वैन शहीद पथ पर हादसे की शिकार हो गई थी। इसके बाद परिवहन विभाग की ओर से अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी, मंडलायुक्त की ओर से बैठकें की गईं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हाल ही में हुई। इसके बावजूद स्कूली वाहनों की दुर्दशा की कहानी बहुत बदलती नजर नहीं आ रही है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में 4,759 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 1,797 स्कूली व 2,962 अनुबंधित वाहन हैं। इन वाहनों में ओमनी वैन, मोटर कैब, मैक्सी कैब आदि शामिल हैं। खास बात यह है कि अभी भी 530 स्कूली वाहनों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं हैं। इसमें 126 स्कूली वाहन व 404 अनुबंधित वाहन शामिल हैं, जबकि 168 वाहन बगैर परमिट स्कूली बच्चों को ढो रहे हैं, जिसमें 49 स्कूली व 119 अनुबंधित वाहन सम्मिलित हैं।