शासन ने वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित किए थे अधिकार
सीतापुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नगरपालिका अध्यक्ष सीतापुर राधेश्याम जायसवाल को बड़ी राहत दी है। शासन द्वारा निलंबित प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार के आदेश को निरस्त करते हुए बहाल कर दिया है।
इसकी खबर लगते ही नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के समर्थकों ने खुशी का इजहार किया और आतिशबाजी छुड़ाई। बाद में एक दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया। नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल पर सरकारी जमीन को गलत ढंग से आवंटन करने सहित तमाम वित्तीय अनियमितता करने के आरोप लगे थे।
इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने अध्यक्ष के अधिकार निलंबित कर दिए थे। राधेश्याम इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने यह कहकर अधिकार बहाल कर दिए थे कि यह कार्रवाई शासन स्तर से होनी चाहिए थी, न की जिलाधिकारी द्वारा। इस बहाली का अध्यक्ष जश्न मना नहीं पाए थे कि शासन ने अधिकार निलंबित कर दिए।
उसके बाद राधेश्याम फिर से हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे। गुरुवार को न्यायालय ने उनको काफी राहत दी। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर व न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने गुरुवार को शासन के उक्त आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह आदेश नियमों के तहत नहीं है। नए सिरे से तथ्यों सहित आदेश जारी किया जाए।
अदालत ने कहा कि महज आरोपों को गंभीर होने की बात के आधार पर अधिकारों को सीज नहीं करा जा सकता। इसके लिए संतोषजनक तथ्य भी साथ होने चाहिए। अदालत से राहत मिलने की जानकारी होने पर अध्यक्ष के समर्थक मालगोदाम स्थित कार्यालय पर पहुंचे। यहां पर जोरदार आतिशबाजी करके मिठाई बांटी।