गोंडा। उद्योग स्थापित करने के लिए जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हों, उन सभी के लंबित आवेदनों को चौबीस घंटे केे भीतर संबंधित विभाग तथा बैंक निस्तारित करा दें। अकारण यदि कोई भी आवेदन लंबित पाया जाएगा तो संबंधित बैंक प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही होगी। इसके अलावा उद्यमियों को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, जिससे उद्यमियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हों।
यह निर्देश डीएम कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव ने कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को हुई उद्योग बंधु की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान दिए हैं। डीएम ने बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारी को फटकार लगाते हुए सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट स्कीम को बढ़ावा देने के लिए अब तक किए गए प्रयासों की प्रगति शून्य रहने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी है। समीक्षा के दौरान पता चला कि मुख्यमंत्री ग्राम रोजगार योजना के तहत लक्ष्य 15 के सापेक्ष मात्र पांच आवेदन स्वीकृत होने तथा अभी लंबित 20 आवेदनों के बारे में चौबीस घंटे के अंदर आख्या सहित बैंक को भेजने के निर्देश दिए हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्वरोजगार योजना के लक्ष्य 1500 के सापेक्ष मात्र 213 आवेदन प्राप्त होने तथा प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष मात्र पांच आवेदनों के स्वीकृत होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी ब्लाकों में कैंप लगाने तथा उसमें में प्राप्त आवेदनों का पूरा ब्योरा फोटोग्राफ सहित उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नगरीय विकास विभाग की समीक्षा में शहरी क्षेत्रों में भी समूहों का गठन कराकर उन्हें बैंकों से सहायता दिलाने का कार्य कराने के निर्देश दिए है। जिला उद्योग अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रोजागार व उद्यम मुहैया कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की शुभारंभ किया गया है। जिसके तहत जनपद में 165 उद्यमों का लक्ष्य रखा गया है। जिसके सापेक्ष अब तक 10 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 167 इकाइयों की स्थापना के लिए ज्यादा से आवेदन कराने तथा योग्य अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत कर उन्हें इकाइयां स्थापित कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिलाधिकारी ने इसके अलावा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्ड अप इंडिया, वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं कार्बन ऑफ सेटिंग के लिए ग्रीन बेल्ट का विकास किए जाने, निवेश मित्र पोर्टल तथा एकलमेज व्यवस्था की भी समीक्षा की। योजनाओं की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने उद्यमियों के सुझाव व उनकी समस्याएं सुनकर उनके निराकरण के लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ अशोक कुमार, एएसपी पूर्वी मणिलाल पाटीदार, सिटी मजिस्ट्रेट पीडी गुप्ता, जिला उद्योग केन्द्र अधिकारी, एक्सईएन विद्युत अशोक यादव, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सत्यपाल, पीओ डूडा के अलावा अन्य विभागीय अधिकारी तथा उद्यमी रंगेश अग्रवाल, सुरेंद्र गुलाटी, आदित्यपाल, भूपेंद्र आर्य व अन्य उद्यमी उपस्थित रहे।