बहराइच। जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। सिर्फ 40 फीसदी गेहूं की खरीद हुई है। जबकि चार गोदाम फुल हो गए हैं। दो गोदाम किराए पर लेने पड़े हैं। किसानों का लगभग 28 करोड़ रुपये क्रय केंद्रों पर बकाया है। किसान चक्कर लगा रहे हैं पर बकाया भुगतान नहीं मिल रहा है।
जिले को इस बार मूल्य समर्थन योजना के तहत प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद के लिए एक लाख 37 हजार 700 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए छह क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन क्रय एजेंसियों के माध्यम से पीसीएफ के सर्वाधिक 90 केंद्र स्थापित हुए थे।
जबकि पीसीयू के 35, एमसीसीएफ के दो, यूपी एग्रो के पांच क्रय केंद्रों समेत 147 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। इसके बावजूद लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। 15 जून को गेहूं की खरीद बंद कर दी गई। क्रय केंद्रों पर ताले लटक गए।
लेकिन जिले को मिले एक लाख 37 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद के सापेक्ष अब तक सिर्फ एक लाख पांच हजार मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी है।
वहीं क्रय केंद्रों पर किसानों का 28 करोड़ रुपये फंसा हुआ है। बजट के अभाव में किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे किसान परेशान हैं।
जिले में वर्ष 2017 में गेहूं खरीद महज 76,192 मीट्रिक टन हुई थी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सवा गुना अधिक गेहूं की खरीद हुई है। बकाये का भुगतान किसानों को करने के लिए काम चल रहा है।
-विपिन कुमार, अपर नोडल अधिकारी