बाराबंकी। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद घटतौली रोकने के लिए पेट्रोल पंपों की हुई चेकिंग में एक पूर्व सांसद समेत 18 पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस बीच आई रिपोर्ट में 12 पेट्रोल पंपों की डिवाइस जांच में फेल होने पर वहां घटतौली की बात उजागर हुई है। जबकि दो पेट्रोल पंपों को क्लीन चिट दी गई है, वहीं छह की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। पूर्ति विभाग ने इन पेट्रोल पंपों की डिवाइस जांच के लिए भेजी थी। जिसके चलते पुलिस इसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी।
22 जून 2017 से प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर प्रदेश भर के पेट्रोल पंपों पर घटतौली रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने चेकिंग अभियान चलाया था। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर हुई जांच में 18 पेट्रोल पंपों पर घटतौली मिलने पर इनके मालिकों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस बीच इन पंपों की पल्सर डिवाइस जांच पूर्ति विभाग की ओर से कराई गई थी। जिलापूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही ने बताया कि 14 पेट्रोल पंपों की डिवाइस जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिनमें श्रीवास्तव फिलिंग सेंटर व श्रीराम फिलिंग सेंटर को क्लीनचिट दी गई है, जबकि 12 पेट्रोल पंपों की डिवाइस रिपोर्ट उनके खिलाफ आई है। डीएसओ ने कहा कि अब इस मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यहां पर दर्ज है मुकदमे
पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ जिले के जिन थानों में मुकदमे दर्ज हैं, उनमें शहर कोतवाली में आठ, रामसनेहीघाट में दो, देवा कोतवाली में दो, असंद्रा में दो, सफदरगंज में दो, सतरिख व कुर्सी थाने में एक-एक मुकदमा दर्ज है।
दोषियों के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की जाएगी चार्जशीट
जिन 18 पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, उनमें 12 की जांच रिपोर्ट में घटतौली होने की बात उजागर हुई है। इस मामले में पुलिस की ओर से सभी दोषियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी। जिसके बाद कोर्ट के नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वीपी श्रीवास्तव, एसपी