अयोध्या। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा एवं बड़े मंगल के अद्भुत संयोग पर रामनगरी में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सरयू घाटों से लेकर प्रमुख मंदिरों तक श्रद्धालुओं की भीड़ डटी रही। ब्रह्ममुहुर्त से ही शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला रात्रि तक जारी रहा। बड़ा मंगल होने के कारण हनुमानमंदिरों में दर्शन को कतार लगी रही। जगह-जगह शिविर लगाकर भंडारा व प्रसाद वितरण किया गया। पवन तनय संकट हरन मंगल मूरति रूप.... पवन सुत विनती बारंबार...जैसी भजनों से जुड़वा शहर गुंजायमान होता रहा।
ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा एवं बड़े मंगल के संयोग पर लाखों श्रद्धालु अयोध्या में उमड़ पड़े। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि के दिन भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी कष्ट मिट जाते हैं, इसी दिन भगवान शिव के अंश हनुमान जी की भी पूजा-अर्चना की धूम रही। सुबह से ही लाखों भक्तों ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई और विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, कनक भवन, रामलला सहित हनुमानगढ़ी में श्रद्धा निवेदित करने के लिए भक्तों का हुजूम पड़ा। हनुमानगढ़ी में सुबह चार बजे से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ जो दिन भर जारी रहा।
भारी भीड़ से यातायात व्यवस्था हुई ध्वस्त
- भारी भीड़ के चलते नगर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सुबह हुई बारिश के बाद कड़ी धूप भी श्रद्धालुओं के धैर्य की परीक्षा लेती रही, लेकिन आस्था के आगे समस्त दुश्वारियां भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकीं। प्रशासन द्वारा श्रीराम अस्पताल से नयाघाट तक वाहनों का डायवर्जन किया गया था। बावजूद इसके सड़क के दोनों पटरियों पर वाहनों की कतार लगी रही। जिसके चलते श्रद्घालु घंटों जाम से जूझने को विवश होते रहे। सीओ अयोध्या राजकुमार साव ने बताया कि शुरुआती भीड़ देखने के बाद बैरियर लगाकर सभी तरह के वाहनों को अयोध्या में प्रतिबंधित कर यातायात व्यवस्था सुचारू की गई।