आदमखोर कुत्तों के हमले में बालिका समेत दो घायल
सीतापुर। सदर तहसील क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने आदमखोर कुत्तों पर अंकुश लगाने में प्रशासन का सिस्टम पूरी तरह से फेल नजर आ रहा है।
बुधवार को भी आदमखोर कुत्तों के तीन हमलों में एक बालिका समेत दो लोग जख्मी हो गए। जबकि एक किसान बाल-बाल बच गया।
हालांकि बीते 24 घंटों में ग्रामीणों ने तीन कुत्तों को भी मारा है। दावा किया जा रहा है कि मारे गए कुत्ते आदमखोर थे।
तालगांव थाना क्षेत्र के उदयभानपुर निवासी विनीत कुमार (22) की बहन शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम टेड़वा चिलौला निवासी रामऔतार को ब्याही है।
बुधवार को विनीत टेंपो में सवार होकर अपनी बहन के घर जा रहा था। टेंड़वा चिलौला गांव के पास वह टेंपो से उतरकर पैदल ही चल दिया।
बताते हैं कि, जहां विनीत टेंपो से उतरा, वहीं पर आदमखोर कुत्तों का झुंड टहल रहा था। उसे अकेला देख कुत्तों के झुंड ने हमला बोल दिया।
चीख सुनते ही पास के गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और कुत्तों को खदेड़ा। मगर तब तक विनीत घायल हो चुका था।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची यूपी-100 टीम के सिपाही विजय सिंह व जावेद अख्तर ने घायल विनीत को जिला अस्पताल पहुंचाया।
इसके बाद आदमखोर कुत्तों का झुंड मलुही सरैंया गांव पहुंच गया। जहां सरदार महेंद्र सिंह को जैसे ही कुत्तों ने घेरा, ग्रामीण दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर एक कुत्ते को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला।
यहां हमला करने के बाद कुत्तों का झुंड खैराबाद के बाराभारी गांव के पास पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दोपहर में बाराभारी गांव निवासी कमलेश शर्मा की पुत्री पल्लवी (10) गांव के बाहर बाग में आम बीनने गई थी।
जहां आदमखोर कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। चीख सुनते ही बाग की रखवाली कर रहे लोग व ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों से कुत्तों को खदेड़ा। मगर तब तक पल्लवी बुरी तरह से जख्मी हो चुकी थी।
उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये हमले ऐसे वक्त पर हुए हैं, जब प्रशासन आदमखोर कुत्तों पर अंकुश लगाने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रहा है।
पुलिस, वन विभाग, पशुपालन विभाग, नगर पालिका, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग ने आदमखोर कुत्तों पर अंकुश लगाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
इन सबके बावजूद ये टीमें आदमखोर कुत्तों की परछाई तक नहीं पा रही हैं, जबकि कुत्ते खुलेआम मासूमों पर हमले कर रहे हैं।
जहां आदमखोर कुत्ते आतंक मचाए हैं, वहीं आम जनमानस ने भी इन आदमखोरों से आरपार की लड़ाई का मूड बना लिया है। यही वजह है कि बीते 10 घंटे में तीन कुत्तों को ग्रामीणों ने मौत के घाट उतार दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिहारीगंज में मंगलवार को जब आदमखोर कुत्तों ने साहरीन को घायल कर दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने आदमखोर कुत्तों की तलाश खेत-खलिहानों में शुरू की।
इसी बीच खेतों में दो कुत्ते नजर आए। जिन्हें ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। दूसरी तरफ बुधवार को जब कुत्तों के झुंड ने महेंद्र सिंह को घेरा, तब ग्रामीणों ने एक कुत्ते को घेरकर ढेर कर दिया।