उर्रा (बहराइच)। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए सीमा पर एसएसबी की एक और बटालियन तैनात की जाएगी। सीमा पर घुमनाभारू गांव के पास एसएसबी का बटालियन मुख्यालय बनेगा।
इस बटालियन में 135 जवान रहेंगे। गृह मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद स्थापना की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत कौव्वाभारी गांव के पास चौकी स्थापित हुई है।
मिहींपुरवा विकासखंड जंगलों से घिरा होने के साथ नेपाल सीमा से सटा हुआ है। ऐसे में यहां तस्करी, आतंकी गतिविधि व शिकारियों की आमद हमेशा बनी रहती है।
जवानों की संख्या कम होने से सुरक्षा व गश्त में परेशानी होती है। इसकी रिपोर्ट एसएसबी ने गृह मंत्रालय को भेजी थी। इस समस्या को देखते हुए गृह मंत्रालय ने नई बटालियन की स्थापना के लिए हरी झंडी दी है।
गृह मंत्रालय ने इस मामले में एसएसबी के हेड क्वार्टर अगैया नानपारा को पत्र भेजकर बटालियन की स्थापना के निर्देश दिए। गृह मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मिहींपुरवा विकासखंड के घुमनाभारू गांव में नई बटालियन स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है।
एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट अशोक कुमार ओला ने बताया कि गृह मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद घुमनाभारू में जवानों के लिए आवास, शौचालय, बाथरूम का निर्माण शुरू करा दिया गया है।
जल्द ही सभी जवानों की तैनाती बटालियन में की जाएगी। इससे सीमा सुरक्षा और चौकस होगी। भारत में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर जवान नजर रखेंगे। नई बटालियन का नाम एसएसबी 59वीं बटालियन ‘ए’ कंपनी रखा गया है।
कौव्वाभारी गांव में एसएसबी चौकी स्थापित की गई है। यहां पर 10 जवानों की तैनाती एक इंस्पेक्टर की अगुवाई में तत्काल प्रभाव से कर दी गई है।
135 जवान व असिस्टेंट कमांडेंट की होगी तैनाती
डिप्टी कमांडेंट अशोक कुमार ओला ने बताया कि नई बटालियन में एक असिस्टेंट कमांडेंट, एक इंस्पेक्टर, पांच सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल, हवलदार व 135 एसएसबी जवानों की तैनाती होगी।
एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार ने बताया कि नई बटालियन को मिलाकर अब संख्या छह हो गई है। इनमें घुमनाभारू ‘ए’ कंपनी को मिलाकर, मुर्तिहा ई बटालियन, चितलहवा एफ, लौकाही सी, बलई गांव कंपनी बी व लांबी बटालियन डी कंपनी शामिल हैं।
बलई गांव में स्थित बी कंपनी के 165 जवान देश के किसी भी हिस्से में भूकंप, बाढ़ व आतंकी ऑपरेशन के लिए हमेशा बाहर रहते हैं। इस कंपनी के जवान इस समय भी विभिन्न हिस्सों में गणतंत्र दिवस की सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए थे।