बहराइच। बहराइच के नानपारा में सात व रिसिया में चार प्रत्याशियों ने भाजपा का सिंबल वापस कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया है। प्रत्याशियों के इस कदम से राजनीतिक पंडित कुछ और ही मायने निकाल रहे हैं। इन दिग्गजों का कहना है कि अवध क्षेत्र में भाजपा की हालत यह है कि पार्टी के सिंबल से लोग चुनाव नहीं लड़ना चाहते। वहीं पहली बार निकाय चुनाव प्रचार के लिए मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगा है। जो कहीं न कहीं निकाय चुनाव में भाजपा की कमजोरी का संकेत दे रहा है। कारण क्या है, इसे स्पष्ट करने से जिम्मेदार कतरा रहे हैं।
शहर की सरकार के लिए दुंदुभी बज चुकी है। पहले और दूसरे चरण के लिए नामांकन का दौर खत्म हो गया है। बहराइच में 26 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए राजनीतिक दलों ने ताकत झोंक दी है। निर्दलीय प्रत्याशी अपने व्यवहार और भरोसे के बल पर चुनाव मैदान में है। लेकिन अगर बात करें सत्तासीन भाजपा की तो पहली बार भाजपा निकाय चुनाव के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने की कोशिश में नजर आ रही है। इसे प्रयोग कहें या भाजपा की घटती ताकत, यह व्याख्या तो राजनीतिक पंडित करेंगे। लेकिन पहली बार अवध क्षेत्र में निकाय चुनाव प्रचार के लिए मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार शाम को ब्रह्मा की कचहरी बहराइच में जनसभा कर भाजपा प्रत्याशियों को जिताने की अपील करेंगे। इससे विपक्षी दल जहां भौचक हैं, वहीं आम मतदाता भी ऊहापोह की स्थिति में है।
नानपारा में सात और रिसिया में चार भाजपाई बने निर्दलीय
निकाय चुनाव में टिकट वितरण और नामांकन पत्र दाखिले से भाजपा की जो तस्वीर सामने आ रही है। वह चौंकाने वाली है। नानपारा में 25 वार्ड हैं। यहां पर 11 सभासदों को भाजपा ने सिंबल जारी किया। लेकिन सात सभासदों ने सिंबल दाखिल करने के बजाए निर्दलीय चुनाव लड़ना उचित समझा। लगभग यही हाल रिसिया नगर पंचायत का रहा। यहां पर भी 11 लोगों को भाजपा ने सिंबल दिया। सात लोगों ने भाजपा के सिंबल पर पर्चा दाखिल किया। लेकिन मोहम्मद नगर, गायत्रीनगर, नानकपुरा और रविदास नगर में सिंबल जारी होने के बावजूद सभासदों ने निर्दलीय पर्चा दाखिल किया। भाजपा के सिंबल से सभी ने किनारा कसा।
जहां जीत रहे, वहीं जा रहे मुख्यमंत्री जी
अब तक मुख्यमंत्री क्यों नहीं आए। मुझे नहीं पता। लेकिन इस बार प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है। जहां निकाय चुनाव में भाजपा जीत रही। वहीं मुख्यमंत्री जी जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सिंबल दाखिल नहीं किया, उन्हें भाजपा का पूरा समर्थन है। उनकी पूरी आस्था भी भाजपा में है।
-श्यामकरन टेकड़ीवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष
अवध क्षेत्र में अपनों से संघर्ष कर रही भाजपा
निकाय चुनाव वैसे तो सत्तासीन दल का होता है। लेकिन जो हालात हैं और जैसे टिकट वितरण हुआ है उस पर अगर राजनीतिक पंडितों की मानें और भाजपा के सूत्रों पर विश्वास करें तो अवध क्षेत्र में भाजपा अपनों से ही संघर्ष कर रही है। जिसके चलते मुख्यमंत्री को भी प्रचार के लिए मैदान में उतरना पड़ रहा है।