उत्तर प्रदेश में आवास विकास परिषद में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के मामलों में 51 इंजीनियर दोषी पाए गए हैं। इनमें से सेवानिवृत्त 15 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई को शुक्रवार को हुई परिषद की बोर्ड बैठक में मंजूरी दे दी गई। शेष 36 इंजीनियरों के विरुद्ध जांच जारी है, जिन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में परिषद को करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
आगरा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी बीएसयूपी (बेसिक सर्विसेज टू अर्बन पुअर) योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। कालिंदी विहार योजना के द्वितीय पॉकेट में निर्मित 272 भवनों, सामुदायिक केंद्र और कियोस्क के निर्माण में गंभीर खामियां पाई गईं। आईआईटी रुड़की की जांच में घटिया निर्माण की पुष्टि हुई है। इस परियोजना पर कुल 5 करोड़ 25 लाख 55 हजार 589 रुपये खर्च किए गए थे।
सहायक अभियंता अनूप सचान त्रिपाठी और अवर अभियंता हरि शंकर सचान की पेंशन से छह वर्षों तक 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी, जबकि सहायक अभियंता अफसर अली की पेंशन से दो वर्षों तक पांच प्रतिशत कटौती होगी। इसके अलावा विद्युत संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता, सहायक अभियंता डीसी शुक्ला और डीआर मौर्या, अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह तथा अवर अभियंता यूसी मिश्रा की पेंशन से तीन वर्षों तक पांच प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया गया है।