आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध के लिए 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। पहले सत्र में देशभर के 100 विद्यार्थियों का चयन होगा। इसके लिए प्रदेश के आयुर्वेदिक कॉलेजों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) का मानना है कि बीएएमएस की डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों को शोध के लिए सहयोग करना चाहिए। इसके तहत हर विद्यार्थी को 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति की जाएगी।
इसकी घोषणा होने के बाद आयुर्वेद निदेशक प्रो. एसएन सिंह ने सभी प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों से शोध प्रस्ताव तैयार कराने का निर्देश दिया है। विद्यार्थियों को पोर्टल के माध्यम से शोध प्रस्ताव भेजने होंगे। हर प्रस्ताव का मूल्यांकन किया जाएगा। विशेषज्ञों की कसौटी पर पास होने वाले विद्यार्थी को ही छात्रवृत्ति मिलेगी।