पराली से बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए अब इसे बिजली उत्पादन इकाइयों में प्रयोग किया जाएगा। यह कोयले का विकल्प बनेगी। इससे प्रदेश में करीब 50 हजार करोड़ का नया बाजार तैयार होगा। यह जानकारी ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शनिवार को दी। ऊर्जा मंत्री लखनऊ में ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों पर आधारित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।