मुख्यमंत्री ने चौथी बार अपनी टीम को नए रूप-रंग में संवारा है। विस्तार या पुनर्गठन की जब भी खबरें आती थीं, कई विधायकों की हसरतें जाग जाती थीं।
शनिवार से पहले तक एक खाली जगह थी लेकिन हालात एक अनार सौ बीमार जैसे। अब हाउसफुल के बाद दावेदारों पर घड़ों पानी पड़ गया है।
पिछले दरवाजे से लालबत्ती का रास्ता भी कोर्ट ने रोक दिया है। अब दावेदार करें भी तो क्या करें? एक युवा ‘तेज’ तर्रार मंत्री तो अपने प्रमोशन के दावे करते नहीं थकते थे।
इस फेरबदल में तो ओहदा बढ़ना पक्का ही मान रहे थे। चर्चा भी यही थी कि एक ब्राह्मण मंत्री का प्रमोशन होने जा रहा है। इससे उनकी उम्मीदें और कुलांचे मार रही थीं।
उनके साथी भी देर रात तक साहब का नाम तलाशते रहे। शुक्रवार की रात बड़ी मुश्किल से कटी। शनिवार को जैसे ही लिस्ट आई तो ‘तेज’ तर्रार मंत्री के अरमान धराशाई हो गए।