2.10 करोड़ बार किसानों ने आंकड़ों को वेबसाइट पर देखा
गन्ना मंत्री ने बताया कि लगभग डेढ़ माह में अब 2.10 करोड़ बार किसानों ने अपने आंकड़ों को वेबसाइट
www.caneup.in से अवलोकन किया है। 4.76 लाख किसानों ने
www.upcane.gov.in अवलोकन डाउनलोड किया है। 5.77 लाख बार एप को हिट दी गई। ईआरपी सिस्टम से से शासन की मंशा के अनुरूप जीरो टालरेंस नीति के तहत भ्रषाटाचार व गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने में अच्छी सफलता हासिल की है। नई व्यवस्था लागू होने केबाद 85,510 डबल बॉंड, 29985 फर्जी आपूर्तिकर्ता तथा 94813 भूमिहीन किसानों के बॉंड सामने आए जिन्हें बंद कर दिया गया।
चीनी उत्पादन व रिकवरी में यूपी देश में नंबर-1
सुरेश राणा ने बताया कि चीनी उत्पादन एवं शुगर रिकवरी में यूपी, देश में नंबर-1 है। योगी राज में 33 माह के भीतर किसानों को 80646 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है। शुगर रिकवरी पिछले सीजन में 11.46 फीसदी रही। यह महाराष्ट्र से ज्यादा है। देश की कुल 38 फीसदी चीनी यूपी में बन रही है। प्रदेश में अस्वीकृत प्रजातियों का गन्ना क्षेत्रफल लगभग समाप्त कर दिया गया है।
नवंबर माह में प्रारंभ हुए तीन नए चीनी मिल:
राणा ने कहा कि जहां सपा व बसपा की पिछली सरकारों में 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिल बंद किए गए वहीं योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा सरकार के 33 माह में डेढ़ दर्जन मिलों का विस्तार किया, बंद चीनी मिल शुरू की गईं या या नए चीनी मिल लगाए गए हैं। अकेले नवंबर माह में तीन नई चीनी मिलों, रमाला (बागपत), पिपराइच (गोरखपुर) और मुंडेरवा (बस्ती) को शुरू किया गया है। यह अपने आप में रिकॉर्ड है।