राजधानी में लगातार दूसरे दिन कोरोना मरीजों का आंकड़ा चार हजार के पार रहा। रविवार को कोरोना के 4444 नए मामले मिले। जबकि 31 मरीजों की मौत हो गई। संक्रमण के बढ़ते स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अगले कुछ दिनों को बेहद संवेदनशील माना है। सरकारी स्तर पर बेड बढ़ाने और सैंपल बढ़ाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। साथ ही सक्रिय मामलों की संख्या भी 20195 पहुंच गई। इस दौरान अच्छी बात यह रही कि संक्रमण को मात देने वाले 913 लोग डिस्चार्ज किए गए।
राजधानी में कोरोना संक्रमण की रोजाना बढ़ती रफ्तार से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। इसके चलते सभी अस्पताल फुल हैं और गंभीर व साधारण दोनों मरीजों की भर्ती का संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए व्यवस्था भी काफी देर से शुरू की गई। अभी करीब 25 अस्पतालों में संक्रमित भर्ती किए जा रहे हैं। बलरामपुर अस्पताल में रविवार को 300 बेड बढ़ाये गए हैं।
इसके बाद भी कुल बेडों की संख्या तीन हजार के करीब ही है। जबकि दो दिनों से रोज चार हजार से ऊपर नए मामले आ रहे हैं। इनमें से पांच सौ को भर्ती की जरूरत होती है पर सभी को बेड नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को अस्पताल जाकर इंतजार करना पड़ रहा है।
यहियागंज बर्तन बाजार में तीन की मौत से दहशत
यहियागंज बर्तन बाजार में रविवार को तीन लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। मरने वालों में से दो युवक तथा एक महिला थी। इनमें से किसी की भी कोरोना जांच नहीं हुई थी। मरने के बाद इनका गुलाला घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। संक्रमण की पुष्टि न होने के बावजूद आशंका के चलते कोविड प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अप्रैल में अब तक सौ से ज्यादा मौत
राजधानी में संक्रमण की वजह से अब तक कुल 1332 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें 113 लोगों की मौत तो सिर्फ अभी तक अप्रैल में ही हुई है। पिछले एक सप्ताह से रोज पिछले दिन के मुकाबले मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है।