लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में नॉन पीजी जेआर के पद पर चयनित 45 में से 43 डॉक्टर नौकरी जॉइन नही की है। इससे मरीजों के इलाज में समस्या आ रही है। इन 45 डॉक्टरों का चयन मार्च माह में हुआ था। इनका वेतन करीब एक लाख रुपये से अधिक है। इसके बाद भी डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर में सेवा देने के लिए राजी नहीं हैं।
चयनित डॉक्टरों में से 23 ने अब तक नौकरी जॉइन नहीं की है जबकि 17 डॉक्टर लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे हैं। इसके अलावा तीन अन्य डॉक्टर भी लंबे अवकाश पर हैं। इन सभी को नौकरी जॉइन न करने वाले डॉक्टरों की श्रेणी में रखा गया है। केजीएमयू की ओर से ऐसे डॉक्टरों की पूरी लिस्ट बनाकर प्रशासन को भेजी गई है, जिसके बाद नए सिरे से डॉक्टरों के चयन की तैयारी है। ट्रॉमा प्रभारी डॉ. प्रेमराज के मुताबिक, नॉन पीजी जेआर काम का लोड अधिक होने की वजह से सेवा देने को राजी नहीं है। बताया नॉन पीजी के पद पर अन्य 22 डॉक्टरों की तैनाती की गई है, जिनसे तीन शिफ्ट में सेवाएं ली जा रही हैं। बताया नॉन पीजी जेआर डॉक्टरों का चयन साक्षात्कार के जरिये नए सिरे से किया जाएगा।