पुलिस वीक के तहत हुए वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मेलन में डीजीपी ओपी सिंह ने अपराधियों के डाटाबेस से संबंधित मोबाइल एप ‘त्रिनेत्र’ लॉन्च किया। एप में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, न्यूरल नेटवर्क और फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह एप आईजी क्राइम एसके भगत ने आठ महीने की मेहनत के बाद तैयार किया है।
डीजीपी ने कहा कि यह देश का पहला सेंट्रलाइज क्रिमिनल डाटाबेस एप है। अपराधियों का डोजियर जिलों में उपलब्ध है। जिलों में थानों पर रखे अपराधियों के फोटो और एलबम और हुलिया के मिलान के लिए निकालने में काफी समय लगता है और उसका आपराधिक इतिहास खोजने में काफी परेशानी होती है। लेकिन यह देश का पहला एप है जो सीधे जेल की अंडर ट्रायल मैनेजमेंट सिस्टम से लिंक है। इससे कौन अपराधी जेल में है या जेल से बाहर है इसकी जानकारी रियल टाइम में मोबाइल एप में दिए लिंक एक पर उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि अब तक पांच लाख अपराधियों का डाटा इसमें एकत्र किया जा चुका है। इसे प्रदेश के सभी 1464 थाना प्रभारी, 65 जीआरपी प्रभारी, सभी क्षेत्राधिकारी, सभी अपर पुलिस अधीक्षक, एवं पुलिस अधीक्षक, रेंज व जोन के अलावा एटीएस और एसटीएफ के अधिकारी इसका संचालन कर सकेंगे। इस इसमें डाटा अवैलिबिल्टी, फास्ट एक्सिसिबल्टी, सेंट्रलाइज डाटा बेस, आइडेंटिफिकेशन, कांटिनिवस अपडेशन ऑफ डेट के हिसाब से यह डाटा बेस तैयार किया गया है।