अंबेडकरनगर। घर में अकेली बेटी के कमरे में उसके दोस्त को देखकर आगबबूला हुए पिता ने लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी। उसके बाद खुद लाइसेंसी बंदूक लेकर थाने पहुंच गया और घटना की जानकारी दी। पुलिस ने युवती के पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी को घटनास्थल से पकड़ा गया है।
एएसपी सुरेंद्र दास के मुताबिक, आलापुर थाना के सरावां गांव निवासी शशिकांत (20) पुत्र कमलेश की हथिनाराज ग्राम पंचायत के पुरवा जंगला की वंदना (19) पुत्री जैसराज से दोस्ती थी। शशिकांत बृहस्पतिवार सुबह वंदना से मिलने उसके गांव आया था। उस समय वंदना घर पर अकेली थी। तभी अचानक वंदना का पिता जैसराज किसी काम से घर आ गया। उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया। वंदना ने दरवाजा खोला तो कमरे में शशिकांत को देखकर पिता जैसराज आग बबूला हो गया। उसके बाद उसने लाइसेंसी बंदूक उठाकर दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगते ही दोनाें खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़े। परिवारीजन व गांव अन्य लोग घटना स्थल पहुंचे तो कमरे का दृश्य देख सन्न रह गए। थाना प्रभारी राहुल कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक के साथ वंदना के पिता जैसराज को गिरफ्तार कर लिया। एसओ ने बताया कि शशिकांत के पिता कमलेश की तहरीर पर आरोपी जैसराज व उसके दोनों पुत्र के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जैसराज के दोनों बेटे फरार हैं। शशिकांत हिमाचल प्रदेश में एक निजी कंपनी में काम करता था। गत 12 जून को उसने फोन कर कहा था कि वह 13 जून को घर आ रहा है। बताया कि वह घर आने की बजाय वंदना से मिलने उसके घर पहुंचा जहां यह घटना हो गई।
पुलिस और घर वालों के बयान में विरोधाभास
वंदना के घर वालों ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद जैसराज खुद लाइसेंसी बंदूक लेकर थाने पहुंचा खुद पुलिस को घटन के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस जैसराज को लेकर घटना स्थल पहुंची थी। वहीं पुलिस कह रही है कि उसने आरोपी को घटनास्थल से पकड़ा।
युवती के पेट व उसके दोस्त के सीने में लगी गोली
वंदना के पिता ने अपने दो पुत्रों के साथ मिलकर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर हत्या की है। युवती के पेट में जबकि उसके मित्र के सीने में गोली लगी है। गोलियां काफी नजदीक से मारी गईं हैं। आरोपी जैसराज को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके दोनों पुत्रों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। - संतोष कुमार मिश्र, एसपी