बाराबंकी। ओडीएफ व स्वच्छता के मामले में जिले की खराब स्थिति पर केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई टीम ने अधिकारियों व कर्मचारियों को कई घंटों तक प्रशिक्षण दिया। और जागरूकता के नए-नए तरीके बताए। टीम का नेतृत्व सेनीटेशन (स्वच्छता) के विशेषज्ञ व ब्रिटेन के काउंसलर डॉ. राबर्ट चैंबर व विनोद मिश्रा ने किया। इस दौरान जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी सहित जिले के सभी आलाधिकारी मौजूद रहे।
मालूम हो कि जिले को दो अक्तूबर तक खुले में शौच मुक्त करना है, लेकिन इस मामले में यह जिला लगातार निचले पायदान पर बना हुआ है। करोड़ों खर्च के बाद भी इसमें कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। पहले पीएम फिर सीएम द्वारा वीसी के माध्यम से निर्देश देने के बाद भी न तो ओडीएफ में सुधार हो रहा है और न ही स्वच्छता में। इसको देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वच्छता के विशेषज्ञ व ब्रिटेन के काउंसलर डॉ. राबर्ट चैंबर व विनोद मिश्र के नेतृत्व में दस सदस्यी टीम ने मंगलवार को लोक सभागार में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों व कर्मचारियों को करीब छह घंटों तक प्रशिक्षण दिया। जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में राबर्ट चैंबर ने कहा कि जागरूकता के लिए स्वच्छाग्रहियों को ग्रामीण परिवेश में शामिल किया जाए। गांवों में लोगों को एकत्रित कर उन्हें जागरूक करें। गांवों के संभ्रांत नागरिकों व रिटायर्ड कर्मचारियों को भी शामिल कर उनकी मदद लें। इस दौरान उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों के साथ थ्योरी के रूप में कई अहम बातें भी लिख कर बताईं। अंत में उन्होंने कहा कि ओडीएफ व स्वच्छता के मामले में यह जिला बहुत पिछड़ा हुआ है। प्रगति भी खराब है। इस पर पूरी तत्परता व गंभीरता के साथ काम करने की जरूरुरत हैं। कार्यशाला में सीडीओ अंजनी कुमार सिंह, पीडी हरिचरन सिंह, डीडीओ जगदीश त्रिपाठी, डीपीआरओ अनिल श्रीवास्तव सहित सभी बीडीओ, एडीओ पंचायत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।