गोंडा। आयुष्मान भारत मिशन को लेकर सोमवार को जिलेभर के 1818 राजस्व गांवों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंप लगाकर ऐसे पात्र लाभार्थियों के नाम रजिस्टर में अंकित किए गए, जो प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के हकदार हैं। इन लोगों को हर साल भारत सरकार पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सहायता मुहैया कराएगी। बैठक के दौरान आर्थिक सामाजिक कास्ट सर्वे की सूची के लाभार्थियों के नाम ग्राम रोजगार सेवकों व आशाओं ने पढ़कर सुनाए, जिसमें कुछ संशोधन भी किया गया। जबकि दूसरी ओर आयुष्मान भारत को लेकर सीएमओ सहित राज्य स्तर से आई टीम ने जिले भर में घूम-घूम कर इसका पर्यवेक्षण भी किया।
आयुष्मान भारत को लेकर स्वास्थ्य विभाग सोमवार को राजस्व गांवों में आयोजित हुई बैठक के अलावा अगले सात दिनों तक डोर-टू-डोर अभियान भी चलाएगा। ताकि पीएम राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना का कोई भी पात्र लाभार्थी व्यक्ति इसके लाभ से वंचित न रह जाए। इसे लेकर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की ओर से मुख्यालय पर एक कंट्रोल रूम भी खोला गया है। जहां रोज के रोज सूचनाएं अपडेट होंगी। जिसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मलिक आलमगीर, डॉ. एके राय, डॉ. देवराज, डॉ. एसजी हसन, अमरनाथ, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. संदीप मेहरोत्रा, राजन यादजव, मुबीन अहमद डॉ. सुशील, हरीश कुमार मौर्य, सुनील कुमार चौधरी, भवानी प्रसाद तिवारी, कंचन गुप्ता, हसन इफ्तेखार व अरविंद को सौंपी गई है।
वहीं मुख्यालय पर गठित किए गए कंट्रोल रूम में डॉ. देवेंद्र कुमार, एसपी तिवारी व मनीष तिवारी को सूचनाएं कलेक्ट करके उसे अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। जो 7 मई तक अपनी जिम्ममेदारियों को निर्वहन पात्र लाभार्थियों से संबंधित सूचनाएं एकत्र करने में करेंगे। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत मिशन के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को हर साल पांच लाख रुपए तक की मदद एक बीमे के रूप में दी जानी है। जिसके तहत सोमवार को जिले भर के 1818 राजस्व गांवों में कैंप लगाया गया। जबकि मंगलवार से 7 मई तक इसके लिए डोर-टू-डोर स्वास्थ्य विभाग अभियान भी चलाएगा।