बहराइच। योगी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत जनपद में करीब 12 सौ किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में लगभग तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम खर्च की गई। इसके बाद भी सड़कों से गड्ढे दूर नहीं हो सके है। लोग हिचकोले खाने को मजबूर हैं।
मार्च में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के लिए प्रदेश में अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। बहराइच जनपद में 1188 किलोमीटर सड़क के निर्माण का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग और निर्माण खंड एक की ओर से तैयार किया गया था।
सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने के लिए लगभग तीन करोड़ से अधिक का बजट सरकार ने भेजा था। लेकिन इस पर कोई काम नहीं कराया गया, जहां काम हुए भी वहां गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते रहे। निर्माण होने के कुछ दिन बाद ही सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो गईं।
शहर के एसपी कार्यालय के निकट से होकर रोडवेज की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग काफी समय से जर्जर था। इस मार्ग पर बीते एक सप्ताह पूर्व काम शुरू हुआ है। लेकिन अब भी निर्माण अधूरा है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस लाइन के निकट भी मार्ग की पटरी को दुरुस्त किए जाने का काम लगभग दो साल बाद शुरू हो सका है।
एक बरसात न झेल सकी नानपारा बाईपास रोड
शहर के तिकोनीबाग पुलिस चौकी के निकट से होकर गुजरे नानपारा बाईपास रोड पर गड्ढा मुक्त अभियान के तहत निर्माण कार्य कराया गया था। बरसात होते ही मार्ग जवाब दे गए। जगह-जगह फिर गड्ढे हो गए। लोगों का कहना है कि विभाग ने गुणवत्ता का ख्याल रखा होता तो सड़क लंबे समय तक ठीक रहती।
जेल रोड पर चलना मुश्किल
शहर के केडिया हॉस्पिटल से होते हुए जेल की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस मार्ग पर पुलिस लाइन मोड़ पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे इस मार्ग से प्रतिदिन गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जाने वाले वाहनों का गुजरना होता है। इसके कारण रोड पर दबाव अधिक रहता है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाता है। घरों से निकलने वाला पानी डामर रोड को डैमेज कर देता है। बरसात होने पर समस्या और अधिक बढ़ जाती है। जर्जर होने पर सड़क की मरम्मत भी तत्काल कराने का प्रयास किया जाता है।
-राजीव कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी