बहराइच। तराई में बदल रहे मौसम के बीच निमोनिया और डायरिया से मौतों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती दो मासूमों की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। यह दोनों निमोनिया व डायरिया की चपेट में थे। वहीं 16 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें तीन रोगियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
तराई में बिगड़े मौसम के चलते शीतजनित रोगों से मौतें थम नहीं रही हैं। बौंडी के थाना क्षेत्र के मुरौवा निवासी अतुल (5) पुत्र रामछबीले को उल्टी-दस्त के साथ बुखार की शिकायत थी। परिवारीजनों ने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया। लाभ न होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर इलाज के दौरान सोमवार सुबह उसकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन मासूम ने दम तोड़ दिया। उधर, कोतवाली देहात के बढ़ईनपुरवा गांव निवासी नंदू की एक वर्षीय पुत्री रोशनी को बुखार के साथ सांस उल्टी चलने की शिकायत हुई। परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां पर डॉक्टरों ने निमोनिया से बालिका के ग्रसित होने की बात बताई। इलाज के दौरान रोशनी की भी सांसें थम गईं। उधर उल्टी, दस्त, बुखार और निमोनिया से ग्रसित और 16 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें रामू (एक), किशोर (2) और बबली (3) की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते 0 से 10 वर्ष के बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। अभिभावकों की सजगता से वह स्वस्थ रह सकते हैं।