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अधिकार से पहले समझें जिम्मेदारी का मंत्र, तभी होगा असली गणतंत्र

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गोंडा। गणतंत्र में अधिकार की बात सब करते हैं, लेकिन जिम्मेदारी का मंत्र सभी भूल जाते हैं, बस यही छोटी सी चूक सारी समस्याओं का कारण बन जाती है। हमें घर की तरह ही देश व समाज को समझना होगा, जहां हमें पाने की ही नहीं, उसे कुछ देने की जरूरत पड़ती है। गुरुवार को अमर उजाला ने गृहणी, शिक्षिका, युवा सहित विभिन्न वर्गों के लोगों के दिल को टटोला तो लोगों ने न घूस देंगे और न लेंगे, असहाय लोगों व जरूरतमंदों की मदद करेंगे, अन्याय को देखकर चुप नहीं रहेंगे, उसका प्रतिरोध करेंगे, कानून व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने, अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने सहित अन्य कर्तव्य निर्वहन का वादा करते हुए अच्छे नागरिक बनने का संकल्प लिया।
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लोक गायिका डॉ. किरन पांडेय का कहना है कि वह संकल्प लेती हैं कि असहाय व जरूरतमंदों की मदद करेंगी, साथ ही अन्याय को देखकर चुप नहीं रहेंगी। शिक्षिका मनीषापाल ने कहा कि वह अपने बच्चों को सिखाएंगी कि वे कभी भी नियम तोड़कर अपनी पहचान बनाने का प्रयास न करें। आभा सक्सेना ने कहा कि वह लोकतंत्र के मूल कर्तव्य मतदान के लिए सभी को प्रेरित करेंगी, साथ ही वह जीवन में कभी भ्रष्ट व्यक्ति व पार्टी को वोट नहीं देंगी। डॉ. मौसमी सिंह ने कहा कि वह कभी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएंगी, जो भी ऐसा गलती करेगा, उसे माफ नहीं करेंगी। नीलम शुक्ला ने कहा कि संसार में कोई भी लक्ष्य व्यक्ति के मेहनत से परे नहीं है, वह उसी को हथियार बनाकर अपनी मंजिल हासिल करेंगी।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर युवाओं में देशभक्ति का जोश दिखा। प्राचीनता की स्मृतियों को सजोए नए पथ पर अग्रसर समाज व देश कहीं भटक न जाए, इसके लिए हर कोई गंभीर दिखा। छात्रा रुखसार बानो का कहना था कि वह संकल्प लेती हैं कि वह कभी अपनी मंजिल पाने के लिए छल, प्रपंच व झूठ का सहारा कभी नहीं लेंगी। नेहा श्रीवास्तव का कहना था कि वह बाल विवाह, अपराध, अन्याय सहित अन्य बुराइयों का विरोध करेंगी और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। नौसीन फातिमा ने कहा कि वह संकल्प लेती है कि वह अपने बड़े बुजुर्गों का सम्मान करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलेंगी। शिखा तिवारी ने कहा कि वह समाज में किसी भी गरीब दबे कुचले के साथ अन्याय होता देख चुप नहीं रहेंगी। जेबा का कहना था कि वह कभी कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने या उसके लिए दूसरों को प्रेरित करने का प्रयास जीवन भर नहीं करेंगी। रिचा तिवारी का कहना था कि सोने की चिड़िया कहा जाने वाले देश को एक बार फिर से विश्व का सिरमौर बनाने के लिए वह जीवन भर संघर्ष करेंगी। ज्योति का कहना था कि बेटियों तथा गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए लोगों को जागरूक करेंगी जो लोग भी उनका हक मारते हैं ,उन्हें सजा दिलाएंगी।
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