सीतापुर। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। काली घटाओं के बीच हुई बूंदाबांदी ने गलन बढ़ा दी है। अधिकतम पारा भी लुढ़ककर 22 डिग्री सेल्सियस जा पहुंचा। अभी तक दिन में धूप खिलने से हाफ स्वेटर व जैकेट से काम चलाने वाले लोग सर्दी के तेवर तीखे देख फुल जैकेट व स्वेटर पहने नजर आए।
हालांकि मंगलवार को भी सुबह सूर्यदेव ने दर्शन दिए। रोजाना की तरह धूप खिली तो लोगों को ठंड से काफी राहत मिली। लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। घने बादल छाने के साथ ही बूंदाबांदी भी हुई। फुहारों ने स्कूली बच्चों व सड़क पर चहलकदमी करने वालों को भिगो दिया। बदली छाने व बूंदाबांदी होने से सर्दी बढ़ गई है। अगले दो दिनों में घना कोहरा छाने, पारा लुढ़कने के साथ ठंड का प्रकोप बढ़ने के आसार हैं। मंगलवार की सुबह छाई हल्की धुंध छंटने पर सूर्यदेव ने दर्शन दिए तो चटख धूप खिल उठी। धूप की गर्माहट ने लोगों को सर्दी से राहत पहुंचाई तो लोगों के शरीर से गर्म कपड़ों का बोझ कम हो गया। दोपहर करीब एक बजे मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। काले बादलों ने सूर्यदेव को ढक लिया। सर्द हवाएं चलने लगीं। दोपहर करीब दो बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। हालांकि बूंदाबांदी कुछ देर बाद रुक गई। लेकिन इस बीच सड़क पर आने-जाने वाले स्कूली बच्चों व अन्य लोगों को भिगो दिया। पारे में गिरावट से सर्दी के तीखे तेवरों ने गलन बढ़ा दी। हाफ स्वेटर व जैकेट से काम चला रहे लोग ठंड बढ़ने पर फुल जैकेट, स्वेटर के अलावा ठंड से बचने को टोपी लगाए दिखे। दोपहर बाद बदली छाई रहने से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। अंधेरा घिरते ही सर्द हवाएं चलने से गलन का प्रकोप बढ़ गया। राहत पाने को लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले 48 घंटे में पारा गिरने के साथ सर्दी में इजाफा होने के आसार हैं।