बहराइच। हक और अधिकार के लिए जिले के लेखपाल आंदोलित हैं। लेखपालों के कार्य बहिष्कार से तहसीलों में छह हजार 129 आवेदन फंस गए हैं। इनमें जाति, आय और निवास आदि प्रमाण पत्र बनवाने के आवेदन शामिल हैं। आवेदन करने वाले लोग चक्कर काट रहे हैं। आवेदन करने वालों में कालेजों के छात्रों की संख्या अधिक है। इन सभी ने छात्रवृत्ति लाभ के लिए आवेदन किया है। प्रशासन अभी तक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर जनपद की सभी छह तहसीलों सदर तहसील, महसी, कैसरगंज, मोतीपुर, पयागपुर और कैसरगंज के लेखपालों ने 17 अक्तूबर को तहसील सदर में धरना दिया था। 16 अक्तूबर तक के सभी प्रमाण पत्रों को आख्या के साथ लेखपालों ने अग्रसारित कर दिया था। मगर इसके बाद से आने वाले आवेदनों पर लेखपालों ने आख्या लगानी बंद कर दी है। लेखपालों ने दो टूक शब्दों मे चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान न होने तक कार्य नहीं करेंगे। इसके चलते लेखपाल आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र पर लेखपाल अपनी रिपोर्ट नहीं लगा रहे। ऐसे में राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार भी अपनी रिपोर्ट लगाकर प्रमाण पत्र नहीं जारी कर पा रहे हैं। जनपद की छह तहसीलों में छह हजार 129 के करीब आय, निवास और जाति प्रमाण पत्रों के आवेदन लटके पड़े हुए हैं। अब सभी आवेदन करने के बाद तहसीलों का चक्कर काट रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जयराज सिंह ने बताया कि सरकार लेखपालों की मांगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। पहले चरण में आय, निवास और जाति प्रमाण पत्रों का बहिष्कार किया जा रहा है। 31 अक्तूबर को धरने के बाद लेखपाल सात नवंबर तक काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगे। जिसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है।
ये हैं लंबित प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र- 2981
जाति प्रमाण पत्र- 1103
निवास प्रमाण पत्र- 2035
ये हैं प्रमुख मांगें-
- लेखपाल नियुक्ति में न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक की जाए।
- लेखपालों को लैपटाप प्रदान किए जाएं।
- लेखपालों की राजस्व निरीक्षक पर प्रोन्नति की जाए।