सीजी सिटी में 40 हजार मकान बनाए जाएंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को आवासीय स्कीम बनाने के लिए करीब 550 एकड़ मिल रही है।
एलडीए ने इसमें से करीब 300 एकड़ भूमि का लैंडयूज आवासीय तय किया है, इस हिसाब से इतनी भूमि में लगभग 40 हजार मकान खड़े हो सकेंगे।
प्रदेश सरकार की आवास नीति के तहत इन मकानों में से 8000 कम आय वर्ग वालों को दिए जाएंगे। आईटी सिटी के पड़ोस में स्थित इस रिहायशी भूमि को 10-10 एकड़ के टुकड़ों में ग्रुप हाउसिंग के तहत निजी विकासकर्ताओं को बेचा जाएगा।
15 अक्तूबर को भूमिपूजन के बाद इसकी नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चक गंजरिया परियोजना का विकास सरकार की खास प्राथमिकताओं में है।
यहां आईटी सिटी, मेडिसिटी, दुग्ध विकास परियोजना और ट्रिपल आईटी प्रस्तावित है। इसके अलावा गंजरिया फार्म की कुल 850 एकड़ भूमि में से 550 एकड़ भूमि शासन ने एलडीए को दी है।
इस पर एलडीए अपनी रिहायशी और कामर्शियल योजना विकसित करेगा। इसमें 8000 छोटे मकानों का तोहफा मिलेगा।
इसमें 10-10 एकड़ के टुकड़े में ग्रुप हाउसिंग स्कीमों के तहत नीलामी होगी।
मेट्रो के लिए भी जुटाएंगे धन
योजना के मुताबिक, एलडीए इस भूमि पर खुद ही योजना नहीं बनाएगा, जबकि भूमि को प्राइवेट कंपनियों को नीलाम कर देगा।
निजी क्षेत्र के इसी निवेश के सहारे यहां जनता को आशियाना मिलेगा। यहां जमीन बेच कर जो कमाई होगी, उसका इस्तेमाल मेट्रो रेल नेटवर्क को मदद करने में किया जाएगा।
पूरे परिक्षेत्र को एक 40 मीटर चौड़ा ग्रीन कनेक्टर (पार्कनुमा सड़क) जोड़ेगा। यह हरा-भरा कनेक्टर सुल्तानपुर रोड के ऊपर से जाएगा। ऐसा कुछ ही देशों में है। अगले दो से तीन महीने में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
300 एकड़ में दो लाख लोगों की रिहायश
जेएनएनयूआरएम के मानकों के हिसाब से 300 एकड़ भूमि पर 40 हजार परिवारों को बसाया जा सकता है। ऐसे में कंपनियों पर निर्भर करेगा, अगर वे अधिक ग्रुप हाउसिंग बनाएंगी, तो परिवारों की यह संख्या 50 हजार तक भी पहुंच सकती है।
कम से कम दो लाख की आबादी यहां रहेगी। इसके अलावा कामर्शियल स्पेस में होटल, शॉपिंग मॉल, शॉपिंग काम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। यही नहीं नर्सिंग होम, स्कूल और सामुदायिक सुविधाओं के लिए भी जगह छोड़ी जाएगी।
कम आय वर्ग के हजारों परिवार भी रहेंगे
20 फीसदी एलआईजी और ईडब्ल्यूएस मकान देने के नियम के चलते यहां करीब 8000 आवास कम आय वर्ग के भी होंगे। कंपनियों पर इन भवनों को भी बनाने की जिम्मेदारी होगी।
इसमें 180 एकड़ रेजीडेंशियल में इस्तेमाल होगी। वहीं 34 एकड़ भूमि पर ग्रीन एरिया बनेगा। 61 एकड़ जमीन में सड़क का निर्माण होगा।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता ओपी मिश्र कहते हैं कि इस परियोजना का भूमिपूजन 15 अक्टूबर को होगा।
इसके बाद सभी विभाग अपना काम शुरू की देंगे। वहीं नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही गरीब आवासों का भी निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।