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40 फीसदी कारोबार, फिर भी चहके कारोबारी, बाजार खुलने के पहले दिन मोबाइल का सामान्य दिनों के मुकाबले सवा गुना अधिक और कूलर, पंखे का 80 फीसदी तक कारोबार

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लखनऊ। कोरोना कर्फ्यू हटने के साथ बुधवार को राजधानी के बाजारों का ग्राहकों के लिए इंतजार खत्म हुआ। हालांकि, कम खरीदार पहुंचने से सभी ट्रेड का औसतन 40 फीसदी कारोबार ही हुआ, लेकिन फिर भी व्यापारी खुश थे। पहले दिन सबसे ज्यादा मोबाइल बिके। आम दिनों के मुकाबले इसका सवा गुना अधिक कारोबार हुआ। उधर, मोबाइल रिपेयर कराने वाले तो दुकान खुलने से पहले ही पहुंच गए। कूलर, पंखे का भी 80 फीसदी तक कारोबार हुआ।
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ढोल-बाजे के साथ खुशी मनाई
हजरतगंज, अमीनाबाद, नाका, आलमबाग, चौक, यहियागंज, महानगर, भूतनाथ मार्केट, पत्रकारपुरम बाजार में बुधवार को सराफा, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक आइटम के खरीदार कम आए। कारोबारियों ने ग्राहकों के बाजार आने की उम्मीद जताई है। भूतनाथ मार्केट व्यापार मंडल के अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में कोरोना से मरने वाले बाजार के साथियों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद बाजार खुलने की ढोल-बाजे के साथ खुशी मनाई।
30 प्रतिशत तक बिके कपड़े
हजरतगंज के कारोबारी विनोद पंजाबी, भूतनाथ मार्केट के उत्तम कपूर, अमीनाबाद के प्रभु जालान ने बताया कि जून व जुलाई की सहालग बाकी है, इसलिए कारोबार चलेगा। बुधवार को कपड़े के 30 फीसदी तक खरीदार आए। इनमें वे परिवार भी थे, जिनके घरों में शादियां हैं। कुर्सी रोड निवासी आजम छोटे भाई की छोटी दुकान पहुंचे। खुद कारोबारी अशोक मोतियानी ने शेरवानी व सूट को दिखाकर पसंद कराया। वहीं, कूलर, पंखे भी खूब बिके। चिनहट के अनिरुद्ध निगम, डालीगंज के अतुल जैन, नाका के कारोबारी तजेंदर सिंह ने बताया कि फर्राटा पंखे की भी मांग है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज जौहर ने बताया कि नंबर एक पर मोबाइल कारोबार रहा। वहीं, मोबाइल रिपेयरिंग के लिए नाका में दिनभर भीड़ लगी रही। कारोबारी सनी ने बताया कि मोबाइल रिपेयरिंग की दुकानें सुबह नौ बजे खुलती हैं, लेकिन बुधवार को ग्राहक आठ बजे ही पहुंच गए। स्टेब्लाइजर, पंखे, मिक्सी सही कराने वाले भी सुबह से शाम तक जमे रहे।
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बुध बाजार में रहा सन्नाटा
करीब दो महीने बाद लगे महानगर के साप्ताहिक बुध बाजार में सन्नाटा रहा। सामान्य तौर पर यहां 20 हजार से अधिक ग्राहक पहुंचते थे, लेकिन इस बुधवार को बमुश्किल इसके दस प्रतिशत ही पहुंचे। ऐसे में दुकानदारों को मायूसी हाथ लगी। साप्ताहिक बाजार पटरी दुकानदार कल्याण समिति के महामंत्री मो. नदीम ने बताया कि बुध बाजार में सामान्य दिनों में करीब 1500 दुकानें लगती थीं, पर कोरोना को देखते हुए करीब 600 दुकानें ही लगी थीं। हालांकि, बिक्री न होने से ज्यादातर दुकानदारों का एक दिन का खर्च भी नहीं निकल पाया। अभी आपदा राहत से एक-एक हजार रुपये की मदद भी पटरी दुकानदारों को नहीं मिल पाई है। ऐसे में आर्थिक समस्या गहरा रही है।
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