लखनऊ। लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में हुई 102वीं शासी निकाय की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि संस्थान में आग से बचाव के पूरे इंतजाम होने चाहिए और सभी उपकरण अच्छी हालत में रहने चाहिए। आग की घटनाओं से बचने के लिए अग्नि सुरक्षा के नियमों को और सख्त बनाने और विशेषज्ञ अग्निशमन अधिकारियों की भर्ती की बात भी कही गई।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर एसजीपीजीआई के 40 प्रतिशत प्रोफेसरों को उच्च प्रशासनिक ग्रेड (लेवल-15) दिया जाएगा। इसके अलावा, 68वें अकादमिक बोर्ड की सिफारिशों को भी मंजूरी दी गई। इसमें पीडीसीसी और पीडीएएफ के छह नए कोर्स शुरू करने की अनुमति दी गई है।
शासी निकाय ने संस्थान में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत प्रांतीय स्वास्थ्य चिकित्सा सेवा के डॉक्टरों के लिए आपातकालीन सेवाओं से संबंधित एक सर्टिफिकेट कोर्स की भी मंजूरी दी। इसके अलावा, विभिन्न विभागों में 368 नए संकाय पदों के वितरण को भी मंजूरी दी, जिससे मरीजों की देखभाल और शोध कार्यों को मजबूती मिलेगी। पार्किंग की समस्या हल करने के लिए एसजीपीजीआई परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का भी फैसला किया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान, रजिस्ट्रार कर्नल वरुण बाजपेयी, वित्त अधिकारी विश्वजीत राय और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।