लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की कैजुअल्टी में मरीजों और तीमारदारों को स्ट्रेचर के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रात में मरीजों की भीड़ बढ़ने पर स्ट्रेचर कम पड़ने की शिकायतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने 40 अतिरिक्त स्ट्रेचरों की व्यवस्था कर दी है। इससे गंभीर मरीजों को समय पर कैजुअल्टी पहुंचाया जा सकेगा।
ट्रॉमा सेंटर में करीब 400 बेड हैं। कैजुअल्टी में पहले करीब 100 स्ट्रेचर थे। 20-25 स्ट्रेचर परिसर में अलग रखे जाते थे। मरीजों की जांच और विभागों में शिफ्टिंग के दौरान स्ट्रेचर लंबे समय तक व्यस्त रहते थे। बेड न मिलने पर कई मरीजों को दो-तीन दिन कैजुअल्टी में रहना पड़ता है। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि 40 स्ट्रेचर बढ़ाए गए हैं। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।