नोएडा में ऑनलाइन मनी सर्कुलेशन रैकेट के खुलासे के बाद धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित सामने आने लगे हैं। शिकायत के लिए मेल आईडी जारी होने के 24 घंटे के अंदर ढाई हजार से अधिक शिकायतें एसटीएफ के पास पहुंच चुकी हैं।
इसके अलावा कई अलग अलग राज्यों में इस संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि 3700 करोड़ से अधिक के फ्रॉड के इस धंधे में विदेशों से भी पैसे लगाए गए। मेल पर आई शिकायतों में नाइजीरिया और मस्कट के लोगों की भी शिकायतें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे अनगिनत लोगों के बारे में पता चला है जिसमें एक ही व्यक्ति ने अलग-अलग आईडी से पैसे लगाए। ज्यादातर लोगों ने 57 हजार 500 रुपए के प्लान में निवेश किया था, जिसमें चंद महीनों में ही पैसे वापस निकलने और उसके बाद लाभ का वादा किया गया था।
एसटीएफ की दस टीमें कर रही हैं जांच
डेमो पिक
अमित पाठक ने बताया कि मामला काफी बड़ा है। हाल के दिनों के ऑनलाइन आर्थिक फ्रॉड की यह सबसे बड़ी घटना है। पूरी तफ्तीश के लिए एसटीएफ की 10 टीमें बनाई गई हैं। एसएसपी समेत तीन बड़े अधिकारी नोएडा में कैंप कर रहे हैं।
इसमें एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक, एडिशनल एसपी अरविंद चतुर्वेदी और एडिशनल एसपी त्रिवेणी सिंह नोएडा में कैंप कर रहे हैं और अलग अलग टीमों को दिशा निर्देश दे रहे हैं। अमित पाठक का कहना है कि डीजीपी की ओर से बनाई गई एसआईटी भी जल्द नोएडा पहुंच जाएगी और इस मामले की जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा।
अमित ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग, सेवाकर विभाग और दूसरी एजेंसियों के विशेषज्ञों के साथ टीमें भी नोएडा में कैंप कर रही हैं। साइबर एक्सपर्ट की मदद से पूरी छानबीन की जा रही है। बैंक खातों की डिटेल लेकर बैंक कर्मियों की संलिप्तता और भूमिका के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बृहस्पतिवार को एसटीएफ ने किया था खुलासा
मालूम हो कि आनलाइन इंवेस्टमेंट और घर बैठे पैसा कमाने की लालच देकर फ्राड करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने खुलासा करते हुए 3700 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी पकड़ी थी। इसे आनलाइन आर्थिक फ्रॉड की सबसे बड़ी घटना बताया जा रहा है। डीजीपी ने आईजी क्राइम के नेतृत्व में एक डीआईजी, एक एससपी समेत कई पुलिस कर्मियों की एक एसआईटी गठित की है, जो इस मामले से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।