खन्ना ने कहा कि 18 दिसम्बर से 4 जनवरी तक प्रदेश में 169 स्थायी और 179 अस्थायी रैन बसेरों में गरीबों के रुकने की व्यवस्था है। इनमें 20412 शहरी गरीबों ने आश्रय लिया है। गरीबों को शेल्टर होम तक लाने का प्रयास सफल नहीं हो पा रहा है। वह मंदिरों, धर्मशालाओं या अन्य स्थान जहां उन्हें कंबल, अलाव, भोजन की सुविधा मिलती है ठहरते हैं। सरकार भी आश्रय स्थलों में किचन, अलमारी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
2.82 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी
नगर विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल 2,82,248 आवासों को मंजूरी दी गई है। व्यक्ति निर्माण (नवीन) योजना में 2,63,650 आवासों की 735 परियोजनाओं का निर्माण सूडा द्वारा स्वीकृत किया गया है। आवास विकास एवं विकास प्राधिकरणों द्वारा 20 परियोजनाओं में 18,598 आवासों की मंजूरी दी गई है।
राजधानी में व्यापारी खुद हटा लें अतिक्रमण
सुरेश खन्ना ने बताया कि लखनऊ में व्यापार मंडलों से बात कर उन्हें स्वयं ही अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया है। यदि व्यापारियों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाए तो सरकार हर हाल में अतिक्रमण हटाएगी। दो महीने बाद अतिक्रमण की शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। इस बीच 3563 किलोमीटर लंबी शहरी गड्ढायुक्त सड़कों में से अभी तक 3229 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है।