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डॉक्टरों ने महिला के पेट में छोड़ दी तौलिया

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बहराइच। डॉक्टरों की घोर लापरवाही एक महिला पर भारी पड़ी। जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला, वहां दलालों के झांसे में फंसकर एक नर्सिंग होम पहुंच गई।
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वहां डॉक्टरों ने उसकी डिलिवरी करवाई। इस दौरान डॉक्टर ने महिला के पेट में एक तौलिया छोड़ दिया। एक माह तक महिला दर्द से कराहती रही।

नर्सिंग होम के डॉक्टर उसे बदल-बदल कर दवाएं देते रहे। फायदा न होने पर महिला ने दूसरी जगह इलाज करवाया। तब अल्ट्रासाउंड की जांच में उसके पेट में तौलिया होने की पुष्टि हुई।

महिला का दोबारा ऑपरेशन कर तौलिया बाहर निकाल दिया गया है। इस मामले में परिवारीजनों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की है।

बलरामपुर जिले के श्रीनगर कटुआ शिवपुरा गांव निवासी मीरा देवी (30) को माह भर पूर्व प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर पति वंशीराम पांडेय ने महिला को बलरामपुर में दिखाया तो वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही।
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इस पर वंशीराम पत्नी को लेकर बहराइच जिला महिला अस्पताल चला आया। लेकिन अस्पताल में मिली दो महिलाएं बेहतर इलाज का झांसा देकर वंशीराम की पत्नी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया।

वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर डिलिवरी करवायी। लेकिन ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक ने महिला के पेट में तौलिया छोड़ दिया। नर्सिंगहोम से सप्ताह भर बाद महिला को घर भेज दिया गया। लेकिन उसकी तबियत नहीं सुधर रही थी।

पति वंशीराम ने बताया कि पुन: पत्नी को नर्सिंगहोम लाए तो पांच छह दिन तक डॉक्टरों ने बदलकर दवाइयां दी। लाभ नहीं हुआ। इस पर नर्सिंगहोम के डॉक्टर ने लखनऊ स्थित शाखा में इलाज के लिए भेज दिया।

वहां पर भी लाभ न होने पर वंशीराम ने पत्नी को जिले की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा मिश्रा को दिखाया। डॉ. सुषमा ने अल्ट्रासाउंड करवाया तो पेट में कपड़ा होने की पुष्टि हुई।

डॉ. सुषमा ने वरिष्ठ सर्जन डॉ. आरडी मिश्रा से संपर्क कर पुन: महिला का ऑपरेशन करवाया। महिला के पेट से तौलिया निकाल ली गई। डॉ. सुषमा ने कहा कि ऑपरेशन सफल रहा। अब महिला को कोई दिक्कत नहीं होगी।

मरीज के पास नहीं इलाज का कोई सुबूत
महिला के पति वंशीराम का कहना है कि जिस नर्सिंगहोम में इलाज चल रहा था, वहां कोई भी पर्चा नहीं दिया गया। डॉक्टर देखने के बाद सीधे दवाइयां देते थे।

जांच कराकर करेंगे कार्रवाई
पीड़ित की शिकायत पर जांच करवाएंगे। लेकिन मरीज के पास इलाज का कोई पर्चा नहीं है, ऐसे में दिक्कत आएगी। फिर भी हर संभव कोशिश होगी कि मरीज को न्याय मिले। लापरवाही बरतने वाले दंडित किए जाएं।
-डा. अरुण पांडेय, सीएमओ

लापरवाही से जा सकती मरीज की जान
ऑपरेशन के समय जो हेल्पर रहते हैं, उनसे ऑपरेशन के औजार, तौलिया और स्पंज आदि जोड़े में लिए जाते हैं। ऑपरेशन के बाद सामान को मिलाया जाता है।

सामान को न मिलाने पर पेट में सामान छूटने की आशंका रहती है। अगर तौलिया पेट में छूट गया तो इससे मवाद बनना शुरू होगा। इससे सेप्टीसीमिया हो सकती है। अगर समय रहते समस्या का पता न किया गया तो आंतें सड़ सकती हैं। रोगी की जान जा सकती है।
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- डॉ. अरविंद, सेवानिवृत्त चिकित्सक, जिला अस्पताल
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