फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमीन के लिए फायरिंग, नौ लहूलुहान

विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच/हुजूरपुर। दौलतपुर चिरैंयाटांड़ गांव में बंजर की जमीन पर कब्जे को लेकर मंगलवार सुबह दो पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ। लाठी-डंडे व धारदार हथियार चले। एक पक्ष ने कट्टे से कई चक्र फायरिंग की। गोली लगने से महिला समेत नौ लोग लहूलुहान हुए हैं। सभी को सीएचसी पहुंचाया गया।
विज्ञापन


छह लोगों की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। हुजूरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर कैंप कर रही है। विवाद के कारण गांव में तनाव की स्थिति है। हुजूरपुर थाना अंतर्गत दौलतपुर चिरैंयाटांड़ गांव निवासी कन्हैया सिंह के मकान के निकट ग्राम पंचायत की बंजर भूमि पड़ी हुई है।

अरसा पूर्व कन्हैया सिंह ने बंजर भूमि का पट्टा अपने नाम करवा लिया था। दो दिन से उन्होंने पक्के मकान के निर्माण की कवायद जमीन पर शुरू की। इस पर गांव के लोग भड़क उठे। गांव के लोग भी ग्राम पंचायत की जमीन होने के कारण उसमें हिस्सा चाहते थे।
विज्ञापन


गांव निवासी सर्वादीन सिंह, अरविंद सिंह, गुड्डू सिंह आदि ने मौके पर पहुंचकर मकान निर्माण का विरोध किया। थाने पर भी शिकायत हुई, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार सुबह जब राजगीर और मजदूर पुन: कन्हैया सिंह के मकान निर्माण में लगे तो सर्वादीन समेत गांव के काफी लोग एकत्रित हो गए।

कहासुनी के दौरान मारपीट शुरू हो गई। लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इसी बीच एक पक्ष के कुछ लोगों ने कट्टे से फायरिंग शुरू कर दी। 18 चक्र फायरिंग की गई। इस दौरान गोली लगने से कन्हैया सिंह उनकी पत्नी प्रेमा देवी, पुत्र रानावीर, दूसरे पक्ष से सर्वादीन सिंह, अरविंद सिंह, गुड्डू सिंह, निरहू और लल्लन सिंह समेत नौ लोग घायल हुए।

संघर्ष लगभग डेढ़ घंटे तक रह-रह कर होता रहा। काफी देर बाद हुजूरपुर थाने की पुलिस प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी सिंह की अगुवाई में मौके पर पहुंची। इस पर घायलों को तत्काल चिरैंयाटांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। प्राथमिक उपचार के दौरान सर्वादीन सिंह, अरविंद सिंह, गुड्डू, निरहू, लक्ष्मन सिंह, प्रेमा देवी और रानावीर की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।

इस तरह अपने नाम कराई जमीन
कन्हैया सिंह दौलतपुर चिरैंयाटांड़ में ससुराल की संपत्ति की देखभाल के लिए रह रहे हैं। उनकी ससुराल के मकान के बगल में ग्राम पंचायत का चरागाह था। जिसे बीते वर्ष चकबंदी में बंजर जमीन घोषित कर दिया गया। इसके बाद कन्हैया सिंह ने राजस्वकर्मियों से मिलकर जमीन का पट्टा ले लिया।

एसडीएम बोलें, कराएंगे जांच
जिस बंजर जमीन के लिए चिरैंयाटांड़ गांव में संघर्ष हुआ। उस मामले में उप जिलाधिकारी कैसरगंज पंकज कुमार ने जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत की जमीन का किस आधार पर पट्टा किया गया, जांच के बाद स्पष्ट होगा। ग्राम पंचायत की जमीन पर पक्का निर्माण नहीं हो सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें