बेलहरा (बाराबंकी)। क्षेत्र के अमेरा गांव में कुत्तों के आतंक से सहमे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सूचना देकर इससे निजात दिलाने की मांग की थी। मंगलवार को गांव पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने ग्रामीणों की बात सुनीं और उन्हें सतर्क रहने की हिदायत दी। गांव वालों को झुंड में रहने व रात को मवेशियों को घर व हातों के अंदर बांधने को कहा।
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के अमेरा गांव में तीन दिन से आदमखोर कुत्तों का आतंक हैं। बकरी चरा रहे बालक को नोचने के साथ ही दस बकरियों को निवाला बनाया था। उसके दूसरे दिन भी दो बकरियों को नोच डाला। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस व वन विभाग को दी थी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। जिस पर मंगलवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को फोन पर सूचना देकर इस समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगाई। जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी ने मामले का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ अनिल कुमार श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत निंदूरा आद्या प्रसाद मौर्या, फतेहपुर पशु चिकित्सक टीजे पांडेय की टीम गठित कर गांव भेजा था। गांव पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने ग्रामीणों से इस घटना के संबंध में जानकारी हासिल की और लोगों को सचेत किया कि वह सावधानी के साथ खेतों में बकरियों को चराने के लिए ले जाएं। साथ ही जंगली इलाकों में बच्चों को बकरियों के साथ चराने को न भेजं। टीम ने गांव वालों के साथ जंगल के आसपास इलाकों में कांबिंग की। कुत्तों का पता न लगने पर टीम गांव वालों को सतर्क रहने की बात कहते हुए लौट गई। इस संबंध में डीपीआरओ अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि ग्रामीणों को कुत्तों के दिखने पर सूचना देने के लिए टीम के सदस्यों का फोन नंबर दिया गया है।