बहराइच/कल्पीपारा। बहराइच से सिद्धार्थनगर तक सिंचाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए राप्ती मुख्य नहर का निर्माण होगा। 7200 करोड़ की इस परियोजना में 400 करोड़ का बजट शासन ने पास किया है।
भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण की कवायद शुरू होगी। 2019 के अंत तक परियोजना का कार्य पूरा होगा। राप्ती मुख्य नहर निर्माण के साथ ही सरयू नहर का भी कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है।
तराई के साथ पूर्वांचल में सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने के लिए नहरें मुख्य साधन हैं। अभी तक सरयू नहरों से सिंचाई की व्यवस्था थी। लेकिन अब राप्ती नदी से भी नहर निकालकर सिंचाई सुविधा मुहैया कराने की कवायद शुरू की गई है।
बहराइच और श्रावस्ती की सीमा पर राप्ती नदी से सिद्धार्थनगर तक 150 किलोमीटर तक राप्ती मुख्य नहर का निर्माण होगा। इसके लिए 7200 करोड़ की परियोजना को शासन ने हरी झंडी दी है।
वर्ष 2018-19 में इस बजट में से 1251.87 करोड़ के बजट को राज्यपाल ने अनुमति दी है। इस मामले में शासन के संयुक्त सचिव मुश्ताक अहमद ने सिंचाई जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता वीके निरंजन को पत्र जारी कर 400 करोड़ के बजट अनुमोदन को स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्य अभियंता ने कहा कि बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और सिद्धार्थनगर जिले में लगभग 12 हजार हेक्टेयर किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। नहर निर्माण के लिए 60 फीसदी अधिग्रहण पहले हो चुका है। कुछ स्थानों पर पेंच फंसा हुआ है। उसे सुलझाया जा रहा है।
दिसंबर 2018 तक अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद राप्ती मुख्य नहर निर्माण को गति मिल जाएगी। दूसरे चक्र के बजट के साथ ही दिसंबर 2019 तक राप्ती मुख्य नहर निर्माण को पूरा किया जाएगा। सरयू नहरों का भी कायाकल्प होगा। इसके लिए टीमें लगी हुई हैं।
150 किमी होगा राप्ती मुख्य नहर का निर्माण
मुख्य अभियंता वीके निरंजन ने बताया कि बहराइच से सिद्धार्थनगर की दूरी 150 किलोमीटर के आसपास है। मुख्य नहर से ढाई हजार से अधिक गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
पुल-पुलिया होगी दुरुस्त
राप्ती मुख्य नहर निर्माण के साथ ही सरयू परियोजना की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। लगभग 2500 किलोमीटर तक सरयू परियोजना की नहरों का जाल है।
इन नहरों पर कई स्थानों पर पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हैं, जिससे नहरों में पानी सुचारू तरीके से नहीं चल पा रहा है। इसे भी दुरुस्त किया जाएगा। ऐसे लगभग 60 स्थल अब तक चिन्हित हुए हैं।
मुख्य अभियंता वीके निरंजन ने बताया कि सरयू व राप्ती नहर परियोजना को गति देने के लिए वे अगले सप्ताह बहराइच का दौरा करेंगे।
अधिशासी अभियंताओं से मीटिंग कर भूमि अधिग्रहण के साथ अन्य समस्याओं पर चर्चा होगी। प्रयास होगा कि समस्याओं का निस्तारण दिसंबर से पूर्व कर लिया जाए।