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कमिश्नर ने कसे अफसरों व स्कूल संचालकों के पेच

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गोंडा। स्कूल संचालकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए गुरुवार को मंडलायुक्त ने शिक्षा व परिवहन विभाग के अधिकारियों व स्कूल संचालकों की बैठक ली। उन्होंने दो टूक कहा कि अब निजी विद्यालयों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। मंडल में संचालित सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों व इंटर कॉलेजों के खिलाफ अभियान चलाकर बंद कराया जाए। वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन कराया जाए तथा सभी स्कूल व कॉलेजों के प्रबंधक अपने-अपने विद्यालय में वाहन व्यवस्था व बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के हेतु नोडल अध्यापक नामित कर दस दिन के अंदर रिपोर्ट आरटीओ कार्यालय में जमा करा दें।
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कुशीनगर में स्कूली वैन हादसे का संज्ञान लेते हुए देवीपाटन मंडल आयुक्त सुधेश ओझा ने आयुक्त सभागार में समस्त विभागीय अधिकारियों व स्कूलों के प्रबंधकों की बैठक ली। बैठक में आयुक्त देवीपाटन मंडल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परिवहन विभाग द्वारा जारी मानकों व नियमों को ताक पर रखकर वाहन संचालित कराने वाले स्कूल प्रबंधकों व प्राइवेट वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि खटारा वाहनों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दें। यदि लापरवाही के कारण कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों या कॉलेजों में बसों या अन्य वाहनों से बच्चों को लाने ले जाने की व्यवस्था है, उन सभी वाहनों के चालकों, कंडक्टर व हेल्पर का पुलिस वेरीफिकेशन व चरित्र सत्यापन कराकर निर्धारित प्रारूप पर पूरी सूचना आरटीओ कार्यालय में 10 मई तक हर हाल में जमा करा दें। यदि कोई भी ड्राइवर जो कि शराब आदि का नशा करता हो उससे वाहन न चलवाया जाय। पूरे मंडल में स्कूलों में लगे वाहनों की परमिट व लाइसेंस अवधि की भी चेकिंग करा ली जाए ओर बिना परमिट चलने वाले वाहनों को सीज कर मोटर मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे ढोने वाले वाहनों को तत्काल सीज किया जाए। सभी गाड़ियों पर वाहन मालिक व स्कूल प्रबंधक के मोबाइल नंबर के साथ साथ उच्च अधिकारियों के मोबाइल नंबर वाहनों पर अनिवार्य रूप से लिखवाए जाएं, जिससे तेज गति से वाहन चलने व संदिग्ध अवस्था सूचना एवं शिकायत संबन्धित विद्यालय व अधिकारियों को की जा सके। डीआईजी अनिल कुमार राय ने सभी स्कूल प्रबन्धकों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के अंदर अभिभावकों के साथ मीटिंग कर उन्हें जागरूक कर दें तथा बच्चों की सुरक्षा हेतु कम उम्र में वाहन न चलाने देने व बिना लाइसेंस व हेलमेट के कतई बच्चों को वाहन न चलाने देने के लिए प्रेरित करें।

पांच साल नहीं बदल सकेंगे यूनिफार्म
बैठक में स्कूल संचालकों की मनमानी पर भी शिकंजा कसने की चेतावनी दी गई। मंडलायुक्त ने दो टूक कहा कि मंडल में बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों व कॉलेजों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाण्।
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मंडलायुक्त ने कहा कि हाल ही में पास हुए स्कूलों द्वारा ज्यादा फीस लिए जाने व एडमीशन संबंधी पास किए गए कानून का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाए। इस कानून के तहत पांच वर्ष तक कोई भी विद्यालय ड्रेस कोड नहीं बदलेगा और अभिभावकों पर दुकान विशेष से कापी किताबें, जूते मोजे व अन्य सामग्रियां खरीदने का दबाव नहीं बनाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी शिकायत मिली तो संबन्धित विद्यालय के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर आरटीओ डीके पाडेय,ं एआरटीओ प्रशासन सर्वेश गौतम, एआरटीओ प्रवर्तन, एआरएम रोडवेज, डीआईओएस गोंडा एसपी त्रिपाठी, बीएसए संतोष कुमार देव पाण्डेय आदि मौजूद रहे।
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