बहराइच। सिविल सर्विसेज की परीक्षा में 137वीं रैंक हासिल कर अली अब्बास ने जिले का मान बढ़ाया है। बैंक की नौकरी छोड़ सिविल सर्विसेज की परीक्षा में चयनित होने वाले अली अब्बास के परिवार में खुशी का माहौल है। अब्बास दो बार एसएससी में भी चयनित हो चुके थे, लेकिन उन्होंने नौकरी जॉइन नहीं की थी।
शहर के मोहल्ला नाजिरपुरा स्थित दुलदुल हाउस के निकट रहने वाले सैयद अली अब्बास की प्राथमिक शिक्षा सेंट नार्बट विद्यालय में हुई थी। उनके पिता सफदर रजा सेंट्रल वेयर हाउस बहराइच में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। वे बीते साल ही सेवानिवृत्त हुए हैं।
अली अब्बास ने प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद लखनऊ के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2010 में इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन से स्नातक की परीक्षा पूरी कर सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी का मन बना चुके थे। पहली बार में किस्मत ने साथ नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने जुलाई 2012 में बैंक आफ बड़ौदा में पीओ के पद पर नौकरी कर ली।
लेकिन आईएएस बनने का जज्बा कम नहीं हुआ। 2012 में ही एसएससी में उनको कैग के लिए चयनित किया गया। जबकि 2014 में एसएससी में ही कस्टम टैक्स असिस्टेंट के पद पर भी चयन हुआ। लेकिन अब्बास ने इन दोनों जगह पर नौकरी नहीं की।
पांच प्रयासों के बाद मिली सफलता
अब्बास ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में पांचवीं बार में सफलता हासिल की है। वर्ष 2014 में इंटरव्यू देने के बाद भी उनको सफलता नहीं मिली थी। अब्बास की मां रकिया बेगम प्राथमिक विद्यालय नगरौर से सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं।
उनकी बहन कनीज रिजवी जामिया मिलिया अलीगढ़ से आर्किटेक्ट की पढ़ाई कर रही हैं। अब्बास के चयनित होने के बाद परिवार में जश्न का माहौल है। रिश्तेदार और मित्रों की ओर से उनको बधाइयां दी जा रही हैं।