बहराइच। तराई में बदल रहे मौसम के बीच बुखार और डायरिया जानलेवा बन गया है। हालात यह हैं कि प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य संक्रामक रोगों से पीड़ित है। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान डायरिया व बुखार से पीड़ित एक मासूम की मौत हो गई। जबकि 28 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें सात रोगियों की हालत गंभीर बतायी जा रही है। नाजुक रोगियों को केजीएमयू रेफर किया गया है।
तराई में मौसम परिवर्तन मुसीबत का सबब बन गया है। हालात यह हैं कि दिन में हो रही तेज धूप और रात में ठंडक दिनचर्या पर भारी पड़ रही है। वायरल के साथ ही डायरिया, बुखार, पीलिया, निमोनिया कहर बरपाने लगी है। रामगांव के नयापुरवा गांव निवासी अंकित कुमार (2) पुत्र आरआर पाल को बुखार और डायरिया की शिकायत पर परिवारीजनों ने जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया। यहां पर इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर में अंकित की तबियत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन जान नहीं बच सकी। वहीं विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित और 28 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें गोविंद (2) रिसिया, हिमांशु (2) भिनगा शुकुलपुरवा, सीमा देवी (8) गदामार कला हरदी, रेखा (10), हरदी, देवांश (7) फखरपुर माधवपुर, रोशनी (10) राजापुर पयागपुर व एक नवजात शामिल है। इनमें गंभीर रोगियों की हालत नाजुक देखकर डॉक्टरों ने उन्हें केजीएमयू रेफर कर दिया है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि बदल रहे मौसम के चलते संक्रामक रोग फैल रहे हैं। अधिकतर मासूम चपेट में आ रहे हैं। परिवारीजनों को इस मामले में सजग रहने की जरूरत है। रात में सोते समय नन्हें-मुन्नों को खुला न रहने दें।